Tuesday, 15 September 2026 | 7:13 AM
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अखिलेश यादव बोले - अयोध्या में महापाप हुआ है, एसआईटी का मतलब शेयर इन थेफ्ट मतलब चोरी में हिस्सेदारी

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर प्रशासन को सौंपी गई एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है। विशेष जांच समिति मतलब एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने कहा कि एसआईटी का मतल
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अखिलेश यादव बोले - अयोध्या में महापाप हुआ है, एसआईटी का मतलब शेयर इन थेफ्ट मतलब चोरी में हिस्सेदारी
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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर प्रशासन को सौंपी गई एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में चढ़ावा चोरी का महापाप हुआ है। विशेष जांच समिति मतलब एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने कहा कि एसआईटी का मतलब शेयर इन थेफ्ट मतलब चोरी में हिस्सेदारी है। उन्होंने मामले में अभी तक एफआईआर न होने को लेकर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव बुधवार को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने राममंदिर का दर्शन कर दान दिया था। चढ़ावा चढ़ाया था। प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र से अगर 10 करोड़ भी मानें तो 800 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्रभु श्रीराम को चढ़ाया गया है। लोग गुप्तदान भी करते हैं। अब गुप्तदान करने वाले अगर बोलेंगे तो उनके घर ईडी और सीबीआई पहुंच जाएगी।

मध्य प्रदेश में जमीन घोटाले के लगे आरोपों पर अखिलेश यादव ने कहा कि वहां सत्ता के इंजन आपस में टकरा रहे हैं इसलिए इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं, भाजपा के दूसरे दलों के सांसदों को तोड़ने को लेकर कहा कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है इसलिए सांसदों को जुटा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासी समाज का हक मार रही है। प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने पर आदिवासी समाज को जल, जंगल और जमीन पर पूरा अधिकार मिलेगा।

इसके पहले अखिलेश यादव ने एक्स पर कहा कि एफआईआर के बिना एसआईटी ‘बिना तीर की कमान’ है। अब दान में दिये गये ‘कागभुसुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय खबर आई है जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है और सनातनी आस्थावानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाकी बार्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी फरार न हो सकें। जब अभी खुलासे हो ही रहे हैं तो एसआईटी की जांच क्या हासिल कर लेगी और खासतौर से तब जब ये ‘जांच’ से ज़्यादा ‘ढाक’ के लिए बनी है या फिर ‘बांट’ के लिए।