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फर्रुखाबाद में ऐमराह (AIMRAH) फाउंडेशन की नई शुरुआत, मुख्यालय पर बैनर लगा, जल्द ही स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन होगा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 जनवरी 2026 ऐमराह ने जनपद में अपने स्थापना दिवस के साथ नई कार्ययोजनाओं का शुभारंभ किया। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, मीडिया, कृषि एवं ग्रामीण विकास पर केंद्रित रहते हुए, श्री रामनगरिया मेले और अन्य आयोजनों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने जा रही है। संस्था ने अपने मुख
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फर्रुखाबाद में ऐमराह (AIMRAH) फाउंडेशन की नई शुरुआत, मुख्यालय पर बैनर लगा, जल्द ही स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन होगा
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 07 जनवरी 2026 ऐमराह ने जनपद में अपने स्थापना दिवस के साथ नई कार्ययोजनाओं का शुभारंभ किया। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, मीडिया, कृषि एवं ग्रामीण विकास पर केंद्रित रहते हुए, श्री रामनगरिया मेले और अन्य आयोजनों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाने जा रही है। संस्था ने अपने मुख्यालय का बैनर लगाने, टीम गठन और आगामी उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारी के साथ सामाजिक भागीदारी का नया संदेश दिया है।

उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद में सामाजिक पहल की एक नई कहानी लिखी जा रही है। 1 जनवरी 2026 को ऐमराह (AIMRAH) ने आधिकारिक रूप से अपना स्थापना दिवस घोषित किया, जो कि संस्था के पंजीकरण का दिन भी है। इस गैर-सरकारी संगठन (NGO) का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि समाज के संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुँच बनाना और व्यवस्थित बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाना है।

संस्था ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया है कि उसका कार्यक्षेत्र पाँच बड़े विषयों पर केंद्रित रहेगा— शिक्षा, स्वास्थ्य, मीडिया, कृषि और ग्रामीण विकास। इन क्षेत्रों को इसलिए चुना गया है, क्योंकि ये सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं और दीर्घकालिक परिवर्तन की नींव रखते हैं।

मुख्यालय पर बैनर और टीम की सक्रिय शुरुआत : 

06 जनवरी 2026 की दोपहर 2 बजे, ऐमराह (AIMRAH) के मुख्यालय पर बैनर लगाया गया। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसके साथ आने वाले महीनों की कार्य-योजना पर गंभीर चर्चा भी हुई। इस दौरान बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने बैठकर उन कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया, जिन्हें क्रमबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। टीम का उत्साह इस बात से झलकता है कि संस्थापक सदस्य और पदाधिकारी एकजुट होकर भविष्य की योजनाओं पर खुले मन से चर्चा करते दिखाई दिए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी थे — राजकमल शाक्य (चेयरपर्सन), अर्पित शाक्य (सीईओ), डॉ धर्मवीर सिंह (डायरेक्टर जनरल) सचिन कुशवाहा (सीएफओ) और आकाश सिंह(सीएचआरओ) पूरी नवगठित टीम ने इस अवसर पर केक काटकर अपनी नई यात्रा का शुभारंभ किया।

भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारी :

संस्था ने घोषणा की है कि 26 जनवरी 2026 को मुख्यालय का आधिकारिक उद्घाटन किया जाएगा। अनुमान है कि इस कार्यक्रम में 400 से 250 लोगों की उपस्थिति रहेगी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह उद्घाटन न केवल औपचारिक कार्यक्रम होगा, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक भी बनेगा। इस अवसर पर संस्था अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स का विस्तृत रोडमैप भी साझा करेगी, ताकि स्थानीय समुदाय सीधे तौर पर योजनाओं से जुड़ सके।

श्री रामनगरिया मेले में स्वास्थ्य शिविर :

फर्रुखाबाद में हर वर्ष लगने वाला मेला श्री रामनगरिया धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी मेले में ऐमराह (AIMRAH) निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर शुरू करने जा रहा है, जिसकी शुरुआत 15 जनवरी 2026 के आसपास होने की संभावना जताई गई है।

इस शिविर में खास तौर पर —  आँखों की जाँच, शुगर चेकअप, सामान्य स्वास्थ्य जांच जैसी आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। बड़ी संख्या में वालंटियर मेले में तैनात रहेंगे, ताकि लोगों को सही मार्गदर्शन और तत्काल सहायता मिल सके।

बुद्ध महोत्सव संकिसा में सेवा — एक सफल उदाहरण :

ऐमराह (AIMRAH) पहले ही बुद्ध नगरी संकिसा में आयोजित बुद्ध महोत्सव के दौरान स्वास्थ्य शिविर लगा चुका है। इस शिविर का लाभ 50 से अधिक लोगों ने उठाया। खास बात यह रही कि इस मेले में न केवल फर्रुखाबाद, बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी लोग पहुँचे। यहाँ आने वालों ने जहाँ एक ओर बुद्ध के उपदेश सुने, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेकर स्वयं के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।

समाज के प्रति जिम्मेदारी का स्पष्ट संदेश :

ऐमराह (AIMRAH) का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है। संस्था यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचें, युवाओं को शिक्षा और मार्गदर्शन मिले, किसानों को कृषि संबंधी सहयोग और प्रशिक्षण उपलब्ध हो, मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता बढ़े, और ग्रामीण विकास योजनाओं में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित हो। इन सब प्रयासों का लक्ष्य है — एक स्वावलंबी और जागरूक समाज का निर्माण।