Tuesday, 15 September 2026 | 2:41 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चार विक्रेताओं के लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 जुलाई 2025 जनपद के कृषकों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर की जा रही निगरानी में चार उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिए गए हैं। जिला कृषि अधिक
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फर्रुखाबाद में उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चार विक्रेताओं के लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त।
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 जुलाई 2025 जनपद के कृषकों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर की जा रही निगरानी में चार उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिए गए हैं।

जिला कृषि अधिकारी बी.के. सिंह ने बताया कि बिना कृषकों की भूमि की पुष्टि किए अधिक मात्रा में यूरिया उर्वरक की बिक्री करने पर यह सख्त कदम उठाया गया है। जिन विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, वे हैं:

मै० मोहन ट्रेडर्स, जैनापुर (विकासखण्ड राजेपुर)

मै० यादव कृषि सेवा केन्द्र, अमृतपुर

मै० कुशवाह खाद भण्डार, याकूतगंज (विकासखण्ड बढ़पुर)

मै० खुशी कृषि सेवा केन्द्र, राजपुर

सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि:

वे अपनी दुकान पर रेटबोर्ड व स्टॉकबोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। स्टॉक व बिक्री रजिस्टर जिला कृषि अधिकारी द्वारा प्रमाणित हो और प्रतिदिन उसका विवरण अपडेट किया जाए।

जिन विक्रेताओं ने अब तक रजिस्टर प्रमाणित नहीं कराए हैं, उन्हें थोक विक्रेताओं से उर्वरक की आपूर्ति नहीं दी जाएगी।

यूरिया व डीएपी बेचते समय किसी अन्य उत्पाद की अनिवार्य टैगिंग न की जाए। उर्वरक विक्रय से पूर्व कृषकों से खतौनी, जोतवही व फसल विवरण लेकर ही निर्धारित मात्रा में बिक्री की जाए। बिक्री के बाद पीओएस मशीन से रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए।

कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी विक्रेता द्वारा प्रमाणित रजिस्टर में विवरण अंकित नहीं पाया गया, बिक्री की रसीद नहीं दी गई, तय रेट से अधिक मूल्य लिया गया, या जबरन टैगिंग की गई,

तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में सभी प्रकार के उर्वरकों—डीएपी, एनपीके व यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। आगामी आलू की फसल के लिए भी आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है।

कृषकों से अपील

प्रशासन ने कृषकों से अपील की है कि वे अपनी ज़रूरत के अनुसार ही उर्वरक का प्रयोग करें और अधिक मूल्य व जबरन टैगिंग जैसी शिकायतों की सूचना तत्काल जिला कृषि अधिकारी को दें। यह कदम किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।