Tuesday, 15 September 2026 | 6:39 AM
मनोरंजन

आदित्य पंचोली ने रेप FIR रद्द करने की मांग की?

बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली पर दर्ज बलात्कार मामले में उनके द्वारा दायर FIR रद्द करने की याचिका पर आज 28 वीं बार बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. बॉलीवुड अभिनेता आज बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे थे. इस मामले में आदित्य पंचोली ने कहा कि यह मामला रद्द होने वाला है, यह मामला कोर्ट में लंबित है इसपर कुछ और नह
Share:
आदित्य पंचोली ने रेप FIR रद्द करने की मांग की?
Read in your preferred language.

बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली पर दर्ज बलात्कार मामले में उनके द्वारा दायर FIR रद्द करने की याचिका पर आज 28 वीं बार बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. बॉलीवुड अभिनेता आज बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे थे. इस मामले में आदित्य पंचोली ने कहा कि यह मामला रद्द होने वाला है, यह मामला कोर्ट में लंबित है इसपर कुछ और नही कह सकता और इसमे आगे क्या होगा वो 4 मार्च को पता चलेगा.


इस मामले में शिकायतकर्ता एक महिला अभिनेत्री हैं और आरोपी आदित्य पंचोली हैं. .पंचोली के वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि साल 2019 में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज दुष्कर्म (IPC 376 सहित अन्य धाराएं) की FIR को रद्द करने की मांग दोहराई गई है. मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को तय की गई है.पाटिल ने बताया कि कोर्ट में पुलिस का पक्ष रखते हुए पब्लिक प्रोसिक्यूटर ने कहा कि पुलिस द्वारा 11 बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद पीड़िता जांच के लिए उपस्थित नहीं हुईं. इसके बाद हाईकोर्ट ने आज दोबारा नोटिस जारी कर अगली तारीख पर पेश होने के निर्देश दिए हैं.


गौरतलब है कि 27 जून 2019 को दर्ज इस FIR को लेकर विवाद रहा है. आरोपी पक्ष का दावा है कि कथित घटना के लगभग 15 वर्ष बाद शिकायत दर्ज कराई गई और यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है. याचिका में सुप्रीम कोर्ट के ‘भजनलाल’ फैसले का हवाला देते हुए FIR रद्द करने की मांग की गई है।

पाटिल ने बताया कि FIR होने से पहले किसी एक शख्स ने आदित्य पंचोली से मुलाकात की थी जिसकी रिकॉर्डिंग हमारे पास है उस रिकॉर्डिंग को हमने कोर्ट में पेश किया है और यह बताया है कि कैसे यह FIR दर्ज करने के पीछे की मंशा गलत है और क्यों इसे रद्द करनी चाहिए. शिकायतकर्ता की तरफ से आज एक वकील कोर्ट में पेश हुआ जिसने कोर्ट से समय मांगा और कहा कि इस मामले में उन्हें समय चाहिए ताकि वो अपने मुवक्किल से इंस्ट्रक्टशन ले सकें और अपना पक्ष रख सकें.

मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है और अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी.