Tuesday, 15 September 2026 | 2:29 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरक पर्याप्त, 72 सहकारी केंद्रों पर उपलब्धता सुनिश्चित

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जुलाई 2026 खरीफ सीजन को देखते हुए जनपद में किसानों को यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। जनपद में
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फर्रुखाबाद में यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरक पर्याप्त, 72 सहकारी केंद्रों पर उपलब्धता सुनिश्चित
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जुलाई 2026 खरीफ सीजन को देखते हुए जनपद में किसानों को यूरिया, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। सहकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद की कोई कमी नहीं है और कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

जनपद में इफको सहित कुल 72 सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्र सक्रिय हैं। विभाग के अनुसार खरीफ सीजन में यूरिया का लक्ष्य 5750 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से अब तक केंद्रों पर 3732 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 2683 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है। वर्तमान में 1049 मीट्रिक टन यूरिया गोदामों में उपलब्ध है।

इसी प्रकार एनपीके उर्वरक का खरीफ लक्ष्य 2295 मीट्रिक टन है। अब तक 1657 मीट्रिक टन एनपीके केंद्रों पर उपलब्ध कराया गया, जिसमें से 251 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है और 1406 मीट्रिक टन एनपीके गोदामों में सुरक्षित रखा गया है।

विभाग ने बताया कि डीएपी उर्वरक का खरीफ लक्ष्य 6226 मीट्रिक टन है। 1 अप्रैल से अब तक 1044 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराई गई, जिसमें से 369 मीट्रिक टन किसानों को वितरित की जा चुकी है। वर्तमान में 676 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है।

इसके अलावा बफर स्टॉक में भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक सुरक्षित रखे गए हैं। विभाग के अनुसार 6508 मीट्रिक टन यूरिया, 5748 मीट्रिक टन एनपीके और 1837 मीट्रिक टन डीएपी बफर में उपलब्ध है। उर्वरकों का आवंटन समय-समय पर किया जा रहा है तथा समितियों को संबंधित कंपनियों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपूर्ति बाधित न हो।

किसानों को राहत देते हुए विभाग ने बताया कि कृभको डीएपी की 1500 मीट्रिक टन की एक रैक जल्द पहुंचने वाली है, जिसे सीधे सहकारी बिक्री केंद्रों पर भेजा जाएगा।

कालाबाजारी रोकने के लिए 22 जुलाई को सभी विकास खंडों में टीमों का गठन कर बिक्री केंद्रों की जांच कराई गई। जांच में खाद की कमी या कालाबाजारी का कोई मामला सामने नहीं आया। विभाग ने कहा कि 24 जुलाई 2026 को पुनः विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा, ताकि किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध हो सके और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।