Tuesday, 15 September 2026 | 2:51 AM
उत्तर प्रदेश

बेंगलुरु की एक महिला ने सो कर जीत लिए 9 लाख रुपये , जानिए क्या है मामला?

बेहतर तरीके से काम करने के लिए अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है. लेकिन अगर सोकर ही आपको पैसे भी मिले तो है न दिलचस्प. बेंगलुरु की एक महिला ने सिर्फ सोकर 9 लाख रुपए अपने नाम कर लिए हैं. दरअसल, एक स्टार्टअप कंपनी की तरफ से आयोजित स्लीप चैंपियन कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने और खिताब अपने नाम करने की वजह से स
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बेंगलुरु की एक महिला ने सो कर जीत लिए 9 लाख रुपये , जानिए क्या है मामला?
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बेहतर तरीके से काम करने के लिए अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है. लेकिन अगर सोकर ही आपको पैसे भी मिले तो है न दिलचस्प. बेंगलुरु की एक महिला ने सिर्फ सोकर 9 लाख रुपए अपने नाम कर लिए हैं. दरअसल, एक स्टार्टअप कंपनी की तरफ से आयोजित स्लीप चैंपियन कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने और खिताब अपने नाम करने की वजह से सैश्वरी पाटिल को 9 लाख रुपये का प्रॉफिट हुआ है. बदलती जीवनशैली, कामकाज और सोशल मीडिया स्क्रॉल करने की आदत ने लोगों की स्लीप साइकिल के साथ-साथ टाइमिंग को भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

स्लीप चैंपियन कॉम्पिटिशन

वेकफिट नाम की स्टार्टअप कंपनी ने बेंगलुरु में स्लीप चैंपियन कॉम्पिटिशन का आयोजन किया था. इस प्रतियोगिता में स्लीप इंटर्न के तौर पर बेंगलुरु बेस्ड इंवेस्टमेंट बैंकर सैश्वरी पाटिल के अलावा 11 और प्रतिभागियों को चुना गया था. यह वेकफिट स्टार्ट-अप के पहले स्लीप इंटर्नशिप प्रोग्राम का तीसरा सीजन है जिसे सैश्वरी पाटिल ने अपने नाम कर लिया है. इस प्रोग्राम में अच्छी नींद की चाहत रखने वाले लोग जो काम सहित कई और कारणों के चलते ऐसा नहीं कर पाते हैं उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है. सभी इंटर्न्स को दिन में 20 मिनट का पावर नैप लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, स्लीप क्वालिटी को बेहतर करने के लिए सभी प्रतिभागियों को प्रीमियम क्वालिटी का गद्दा और एक कॉन्टैक्ट-लेस स्लीप ट्रैकर भी दिया गया था.

कोविड के चलते बिगड़ गया था रूटीन

सैश्वरी पाटिल ने बताया कि कोविड के बाद से उनकी दिनचर्या काफी अस्त-व्यस्त हो गई थी और एक ऑडिटर के तौर पर उनकी डिमांडिंग जॉब की वजह से भी नींद की कमी होने लगी थी. उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता ने उन्हें सिखाया कि कैसे एक अनुशासित स्लीपर बना जा सकता है. सैश्वरी ने स्वीकार किया कि कॉम्पिटिशन जीतने के स्ट्रेस और दबाव से भी नींद प्रभावित हो सकती है. उन्होंने बताया, "नींद के स्कोर में सुधार करने का विचार तनावपूर्ण था. आप अच्छी नींद के लिए कैसे तैयारी करते हैं? फाइनल के दिन मैंने सिर्फ शांत और उपस्थित रहने पर ध्यान केंद्रित किया."

रिपोटर - अर्पित यादव