Tuesday, 15 September 2026 | 2:24 AM
भारत

जिला प्रशिक्षण संस्थान बांदा में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, महिला स्वयं सहायता समूह एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में एकदिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

जिलाधिकारी महोदया,श्रीमती जे०रीभा० बांदा के निर्देशन, एवं अपर जिलाधिकारी (वि/रा०) कुमार धर्मेन्द्र के मार्गदर्शन में जिला प्रशिक्षण संस्थान बांदा में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।प्रशिक्षण प्रातःदस बजे जिला आपदा विशेषज्ञ डा प्रभाकर सिंह जी के मां सरस्वती पर द्वीप प्रज्ज्वलित
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जिला प्रशिक्षण संस्थान बांदा में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, महिला स्वयं सहायता समूह एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में एकदिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
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जिलाधिकारी महोदया,श्रीमती जे०रीभा० बांदा के निर्देशन, एवं अपर जिलाधिकारी (वि/रा०) कुमार धर्मेन्द्र के मार्गदर्शन में जिला प्रशिक्षण संस्थान बांदा में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।प्रशिक्षण प्रातःदस बजे जिला आपदा विशेषज्ञ डा प्रभाकर सिंह जी के मां सरस्वती पर द्वीप प्रज्ज्वलित करने के साथ प्रारम्भ हुई। इस प्रशिक्षण में एस एच जी, एन आर एल एम, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग , स्वास्थ्य कर्मी, आशा, आंगनबाड़ी कार्य कर्ती, बाल पुष्टाहार विभाग से महिला कार्यकर्तियों, राजस्व लेखपाल, नायब तहसील दार, बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापकों, आदि कर्मचारी,अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रशिक्षण को प्रमुखतया पांच चरणों में सम्पन्न किया गया। प्रथम चरण पर आपदा एस आर जी राजेश कुमार ने भारत सरकार एवं राज्य सरकार की आपदाओं पर चर्चा किया तथा द्वितीय चरण में डिप्टी सीएम ओ डा मुकेश पहाड़ी जी आपदा एवं आपदा प्रबंधन पर प्रकाश डाला। तथा एस एच जी,स्वास्थ्य कर्ती, आंगनबाड़ी महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। फिर चन्द्र सेन सिंह ने आपदा के कारक, आपदा की पृकति, तथा आपदा पूर्व प्रवंधन तथा आपदा उपरांत प्रबंधन पर जागरूक किया। मध्यावकाश के उपरांत अग्नि विभाग से कुलदीप सिंह ने अग्नि आपदा के बारे में वृहद चर्चा किया तथा अग्नि को बुझाने हेतु सिलेंडर का उपयोग विद प्रेक्टिकल करवाया। प्रशिक्षण के समापन चरण में आपदा अनुदान की जनहानि, पशु हानि, फसल क्षति के उपरांत मुवावजे की जानकारी भी जिला आपदा विशेषज्ञ डा प्रभाकर सिंह द्वारा दी गई, प्रशिक्षण के आउटपुट, तथा फीडबैक भी प्रतिभागियों का चन्द्र सेन सिंह द्वारा लिया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ जिसमें आपदाओं के प्रति शून्य सहनशीलता(zero tolerance) की नीति पर काम करने का संकल्प लिया गया।