Tuesday, 15 September 2026 | 12:35 AM
उत्तर प्रदेश

लखीमपुर में अपनी जनता पार्टी का विशाल प्रदर्शन — संविधान, न्याय और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए उठी बुलंद आवाज़

लखीमपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 नवम्बर 2025 अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय स्वामी प्रसाद मौर्य के आह्वान पर आज दिनांक 3 नवम्बर 2025 (सोमवार) को जनपद लखीमपुर में एक विशाल एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य था — संविधान, सामाजिक न्याय और समानता की रक्षा के लि
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लखीमपुर में अपनी जनता पार्टी का विशाल प्रदर्शन — संविधान, न्याय और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए उठी बुलंद आवाज़
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लखीमपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़) 03 नवम्बर 2025 अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय स्वामी प्रसाद मौर्य के आह्वान पर आज दिनांक 3 नवम्बर 2025 (सोमवार) को जनपद लखीमपुर में एक विशाल एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य था — संविधान, सामाजिक न्याय और समानता की रक्षा के लिए जनता की आवाज़ को बुलंद करना।

पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक जिला मुख्यालय पर एकत्र हुए और वहां से जुलूस निकालकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान बचाने और समाज में बराबरी की भावना कायम रखने के नारे लगाए।

समाज विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज़

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव और अन्याय के खिलाफ अब मौन रहना संभव नहीं है।

यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और न्याय के लिए जन संघर्ष का प्रतीक है।

“न्याय की लड़ाई जारी रहेगी”

पार्टी नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और वंचित वर्गों की न्याय यात्रा है। “जनता की आवाज़ अब रुकने वाली नहीं — जब तक हर अन्याय के खिलाफ न्याय की विजय नहीं होती,”

ऐसा वक्तव्य पार्टी पदाधिकारियों ने दिया।

ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें

संविधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। सामाजिक न्याय से संबंधित कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे। अत्याचारों पर तत्काल रोक लगे। रोजगार और शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं।

लखीमपुर में हुआ यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण, अनुशासित और सार्थक संदेश देने वाला रहा। इसने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज के वंचित वर्ग अब अपने अधिकारों के लिए सजग और संगठित हैं।