Tuesday, 15 September 2026 | 12:13 PM
उत्तर प्रदेश

लखनऊ में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर राज्य स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन का भव्य आयोजन

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अप्रैल 2026 Gandhi Bhawan Auditorium में आज महान समाज सुधारक Mahatma Jyotiba Phule की जयंती के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक “राज्य स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का माहौल गरिमामय और उत्साहपूर्ण रहा, जिसमें प्रदेश भर से आए अधिवक्ताओं, बुद्धिजीवियों
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लखनऊ में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर राज्य स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन का भव्य आयोजन
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लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अप्रैल 2026 Gandhi Bhawan Auditorium में आज महान समाज सुधारक Mahatma Jyotiba Phule की जयंती के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक “राज्य स्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का माहौल गरिमामय और उत्साहपूर्ण रहा, जिसमें प्रदेश भर से आए अधिवक्ताओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में Abhishek Manu Singhvi उपस्थित रहे, जो कांग्रेस पार्टी के विधि, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों के रूप में Avinash Pande (महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी) तथा Ajay Rai (प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी) भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने अपने संबोधन में फुले जी के सामाजिक सुधारों, शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और समाज में समानता स्थापित करने के उनके प्रयासों को याद किया। उन्होंने कहा कि फुले जी का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके विचार वर्तमान समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं।

मुख्य अतिथि अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने संबोधन में संविधान, न्याय व्यवस्था और अधिवक्ताओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी केवल न्यायालय तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के लिए भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

इस अवसर पर अधिवक्ताओं के हितों, न्याय प्रणाली में सुधार और समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का सम्मान किया गया और सम्मेलन को सफल बनाने के लिए आयोजकों को धन्यवाद दिया गया।

यह सम्मेलन न केवल महात्मा फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना, बल्कि अधिवक्ताओं के बीच एकजुटता और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।