फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 02 अगस्त 2026 जनपद में गंगा एवं रामगंगा नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का दावा किया है।
दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह 8 बजे पांचालघाट स्थित लोहिया सेतु पर गंगा नदी का जलस्तर 136.90 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से मात्र 20 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं नरौरा बैराज से लगभग 1,72,721 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में ब्रह्मदत्त द्विवेदी सेतु पर जलस्तर का मापन नहीं हो सका, जबकि बैराज से 1,560 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
प्रशासन के अनुसार जनपद की तीन तहसीलों के कुल 12 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 17 नाव और एक मोटर बोट लगातार संचालित की जा रही हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं हुआ है और जनहानि, पशुहानि अथवा फसल क्षति की कोई सूचना नहीं मिली है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक एनडीआरएफ और एक पीएसी की टीम तैनात की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 46 ओआरएस पैकेट और 159 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं, जबकि 112 लोगों का उपचार किया गया है। साथ ही पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की भी निरंतर व्यवस्था की जा रही है।
प्रभावित गांवों में सदर तहसील के कटरी भीमपुर, कटरी धर्मपुर और कटरी शिकारपुर, कायमगंज तहसील के कमथरी, समाचीपुर चितार और सौदपुर पिस्तैर तथा अमृतपुर तहसील के करनपुर, कोडरी सारंगपुर, आसमपुर, रतनपुर रम्हौआ, मड़ैया तौफ़ीक़ और तीराराम की मड़ैया (चाचूपुर) शामिल हैं।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर राहत कार्यों की निगरानी करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में प्रत्येक प्रभावित गांव में टॉर्च और रस्सी की व्यवस्था कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके अलावा कांवड़ यात्रा मार्ग पर एम्बुलेंस और चिकित्सा शिविर लगाने तथा आवारा पशुओं को मार्ग से हटाकर पशु शरणालयों में रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारों पर जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों को दें।
