फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) जनपद में जमीन संबंधी विवाद को लेकर एक व्यक्ति ने दबंगई और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मामला थाना जहानगंज क्षेत्र के ग्राम बर्नाखुर्द का है। मोहल्ला सरदार खां थाना मऊदरवाजा निवासी घनश्याम शाक्य का कहना है कि वर्ष 2013 में उन्होंने गाटा संख्या 211, रकबा 0.868 हेक्टेयर में से 0.162 हेक्टेयर जमीन विशुनदयाल पुत्र वेदराम निवासी बर्नाखुर्द से खरीदी थी। तभी से वह उक्त जमीन पर काबिज चले आ रहे हैं।
घनश्याम शाक्य के अनुसार, वर्ष 2021 में उन्होंने अपनी जमीन विशुनदयाल को खेती के लिए उगाई पर दे दी थी। वर्ष 2025 तक उन्हें नियमित रूप से सालाना उगाई मिलती रही। वर्ष 2024 में विशुनदयाल की मृत्यु के बाद उनके पुत्र आलोक कुमार और अंशुल उक्त खेत पर खेती करने लगे। अप्रैल 2026 में जब घनश्याम ने अपनी जमीन खाली करने के लिए कहा तो उक्त दोनों ने जमीन खाली करने से इनकार कर दिया।



आदेश और पैमाइश के बाद भी जमीन जोतने का प्रयास
घनश्याम शाक्य का आरोप है कि एसडीएम के आदेश, लेखपाल द्वारा की गई पैमाइश और दोनों पक्षों की सहमति के बावजूद विपक्षीगण ने 24 अक्टूबर 2026 को उनकी जमीन जोत दी। इसके बाद से उन्हें अपनी ही जमीन पर जुताई और बुवाई करने से रोका जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि विरोध करने पर विपक्षी लाठी-डंडे लेकर सामने आ जाते हैं और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते हैं।
आलू की बुवाई के प्रयास पर बढ़ा विवाद, यूपी-112 से मांगी मदद
पीड़ित के मुताबिक आज 03 नवंबर 2026 को आलोक कुमार और अंशुल ने उनकी जमीन पर खेत की जुताई कर आलू की बुवाई करने का प्रयास किया। जब घनश्याम शाक्य ने इसका विरोध किया तो आलोक, अंशुल, उनकी बहन पूनम और मां मीरा सहित परिवार के अन्य सदस्य मारपीट करने पर आमादा हो गए। स्थिति बिगड़ती देख घनश्याम ने यूपी-112 पर पुलिस सहायता मांगी और अपनी जान बचाई।