(डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया) को जड़ से मिटाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। बृहस्पतिवार को 'विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान' का भव्य शुभारंभ नगर पालिका परिषद कासगंज से किया गया। नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती मीना माहेश्वरी ने हरी झंडी दिखाकर एक विशाल जागरूकता रैली को रवाना किया।
रैली में स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, आईसीडीएस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अधिकारियों व कर्मचारियों का भारी हुजूम उमड़ा।
विभागों में तालमेल न होने पर नहीं बख्शे जाएंगे लापरवाही: पालिका अध्यक्षा
रैली को संबोधित करते हुए पालिका अध्यक्षा मीना माहेश्वरी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी संबंधित विभाग आपस में बेहतर समन्वय (Coordination) बनाकर काम करें। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आशा और आंगनबाड़ी मिलकर संभालेंगी कमान: CMO
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने ग्राउंड लेवल की रणनीति साफ करते हुए कहा कि क्षेत्र में आशा बहुएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगी। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि:
- नगर विकास और पंचायत विभाग: शहरी व ग्रामीण इलाकों में नियमित फॉगिंग, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और नालियों की सफाई सुनिश्चित करें।
- शिक्षा विभाग: स्कूली बच्चों के माध्यम से जागरूकता रैलियां निकालकर घर-घर संदेश पहुंचाएं।
झोलाछापों के चक्कर में न पड़ें, अस्पतालों में मुकम्मल इंतज़ाम: जिला मलेरिया अधिकारी
जिला मलेरिया अधिकारी ने आमजन से सीधी अपील करते हुए कहा, "बुखार आने पर घबराएं नहीं और न ही किसी नीम-हकीम या झोलाछाप के चक्कर में पड़कर जिंदगी खतरे में डालें। नजदीकी सरकारी अस्पताल में तुरंत जांच कराएं, जहां जांच और दवाएं पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध हैं।"
सावधान! डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें:
क्या करें (सुरक्षा कवच):
- जलभराव रोकें: पानी के ड्रम, टंकी और बर्तनों को हमेशा ढक कर रखें। सप्ताह में एक बार पानी के बर्तनों को सुखाएं।
- अचूक उपाय: जहां जलभराव न रुक सके, वहां कुछ बूंदें मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल ऑयल डाल दें।
- मच्छरदानी का इस्तेमाल: सोते समय मच्छरदानी लगाएं या नीम/सरसों का तेल/मच्छर रोधी क्रीम मलें।
- पूरे कपड़े पहनें: ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर को पूरी तरह ढकें।
- डॉक्टरी सलाह: बुखार आने पर तुरंत खून की जांच कराएं और डॉक्टर के बताए अनुसार दवा का पूरा कोर्स लें।
क्या न करें (जानलेवा भूल):
- ❌ घर या आसपास टूटे बर्तन, पुराने टायर, गमलों में पानी जमा न होने दें।
- ❌ बुखार होने पर कभी भी एस्पिरिन (Aspirin) या ब्रूफेन (Brufen) जैसी गोलियां खुद से न लें।
- ❌ बिना डॉक्टर की सलाह के नीम-हकीमों से इलाज न कराएं।
- ❌ कभी भी खाली पेट दवा का सेवन न करें।