कन्नौज: समर्पण नहीं तो अर्पण व्यर्थ आचार्य मुनेंद्र
कन्नौज। भगवान भाव के भूखे होते है। इसलिए हमे समर्पण की भावना रखनी होगी। अगर आराध्य के प्रति श्रद्धा विश्वास और समर्पण नही है तो अर्पण यानी सांसारिक बस्तुओं के चढ़ाने का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने कहा कि लोग प्रसाद चढ़ाने के बदले अपनी कामना की शर्ते रख देते हैं। जबकि हमे श्रद्धा विश्वास रूपणो की भाव