प्रयागराज विकास प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में 602 आवास समेत 34 विकास कार्यों को मंजूरी

  • प्रयागराज विकास प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में स्मार्ट सिटी मिशन, कुंभ मेला, आवास, महायोजना, जोनल डेवलपमेंट प्लान, लैंड बैंक एवं विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा; महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन।
  • बेटरमेंट शुल्क संशोधन, 602 टू-बीएचके आवास, आदर्श कॉस्टिंग गाइडलाइंस-2025 के तहत रिक्त फ्लैटों की संशोधित दर, छह जोन एवं 31 उप-जोन के मास्टर प्लान तथा ई-ऑक्शन संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी।
  • अवस्थापना बैठक में 34 कार्यों को अनुमोदन; सड़क, नाला, पार्क, विद्युत, सौंदर्यीकरण एवं अन्य आधारभूत कार्यों के साथ रोडसाइड प्लांटेशन, महेवा जंक्शन, पार्क, एमजी रोड एवं तालाबों के विकास के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश।

प्रेस विज्ञप्ति

मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता तथा जिलाधिकारी श्री मनीष वर्मा, उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण श्री ऋषिराज, नगर आयुक्त श्री साईं तेजा सहित अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में प्रयागराज विकास प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक संपन्न हुई। बैठक में पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों की अनुपालन आख्या के साथ स्मार्ट सिटी मिशन, कुंभ मेला एवं प्राधिकरण की विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की गई तथा महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

स्मार्ट सिटी मिशन एवं कुंभ मेला के अंतर्गत हेल्थ क्लब एवं कल्चरल कॉम्प्लेक्स के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने गुणवत्ता एवं पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली। कल्चरल कॉम्प्लेक्स के संबंध में निर्देशों का पूर्ण अनुपालन न होने एवं संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उन्होंने मुख्य अभियंता, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पीडीए द्वारा निर्मित उन सड़कों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जो डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड में हैं। इन सड़कों की कार्ययोजना तैयार कर वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्राधिकरण की मासिक आय की समीक्षा के दौरान सभी रेंटल प्रॉपर्टीज की सूची तैयार कर स्वचालित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे समय से किराया प्राप्त न होने वाली संपत्तियों की पहचान कर तत्काल नोटिस जारी किया जा सके। मानचित्र स्वीकृति के लिए विभिन्न विभागों की एनओसी हेतु निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने तथा समय पर एनओसी प्राप्त न होने पर संबंधित प्रकरण शासन को कार्रवाई हेतु भेजने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बेटरमेंट शुल्क के संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। पूर्व से स्वीकृत मानचित्र वाले पुराने भवनों में अब केवल अतिरिक्त निर्माण पर बेटरमेंट शुल्क देय होगा तथा संशोधित दरें पांच वर्ष के लिए फ्रीज रहेंगी। जनसामान्य की मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

कसारी-मसारी में पदम लोक आवास योजना के अंतर्गत लगभग 602 टू-बीएचके आवासों के निर्माण एवं आवंटन संबंधी प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दी। मंडलायुक्त ने सड़क चौड़ीकरण, सीवेज, पार्किंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास सुनिश्चित करने तथा ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी आवंटन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। दिव्यांगजन एवं अन्य पात्र वर्गों के लिए नियमानुसार आरक्षण तथा लॉटरी में आवास न मिलने पर जमा धनराशि की समयबद्ध वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

प्रयागराज महायोजना-2031 (पुनरीक्षित) में बिना अधिसूचना के सम्मिलित लगभग 45 राजस्व ग्रामों के संबंध में चर्चा की गई। इन ग्रामों में महायोजना के मानचित्र में भू-उपयोग कृषि/हाईवे फैसिलिटी जोन के रूप में प्रदर्शित है। शासन स्तर से अधिसूचना जारी न होने के दृष्टिगत इन ग्रामों में मानचित्र स्वीकृत न किए जाने संबंधी प्रस्ताव को बोर्ड द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।

आदर्श कॉस्टिंग गाइडलाइंस-2025 के अंतर्गत विभिन्न आवासीय योजनाओं में विक्रय से शेष एवं रिक्त फ्लैटों की लागत निर्धारित गणना सूत्र के आधार पर पुनर्निर्धारित करने के प्रस्ताव को बोर्ड ने अनुमोदन प्रदान किया। संशोधित गणना के आधार पर फ्लैटों की लागत कम करते हुए नई दरें शीघ्र निर्धारित कर विक्रय की कार्रवाई की जाएगी।

जोनल डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत प्राधिकरण क्षेत्र के छह जोन एवं 31 उप-जोन को समाहित करते हुए समेकित मास्टर प्लान तैयार करने हेतु आरएफपी के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दी। विभिन्न योजनाओं में रिक्त ग्रुप हाउसिंग, व्यावसायिक एवं आवासीय भूखंडों को ई-ऑक्शन के माध्यम से निस्तारित किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने ई-ऑक्शन एवं मानचित्र संबंधी डिजिटल प्रणाली को अत्याधुनिक एवं जीरो-एरर बनाने के निर्देश दिए, ताकि आंकड़ों में किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे और आवेदकों को परेशानी न हो।

लैंड बैंक सृजन के संबंध में संबंधित क्षेत्रों में टोल-फ्री नंबर सहित सार्वजनिक सूचना जारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि इच्छुक भू-स्वामी बिना किसी मध्यस्थ के सीधे प्राधिकरण से संपर्क कर सकें। प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना के लिए लैंड बैंक सृजन में भी यही व्यवस्था अपनाने को कहा गया।

अवस्थापना बैठक

इसी क्रम में अवस्थापना से संबंधित बैठक भी संपन्न हुई, जिसमें कुल 34 कार्यों को अनुमोदन प्रदान किया गया। इनमें सड़क, नाला, रिटेनिंग वॉल, जल निकासी, पार्क विकास, सड़क सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण तथा विद्युत संबंधी कार्य शामिल हैं। प्रमुख कार्यों में लेटे हुए हनुमान जी मंदिर कॉरिडोर के समीप रिटेनिंग वॉल एवं जल-मल निकासी, पुराने यमुना पुल के नीचे कृषि विश्वविद्यालय की बाउंड्रीवॉल, तेलियरगंज-अपट्रान मार्ग पर एमएनएनआईटी की बाउंड्रीवॉल, मम्फोर्डगंज में नाला निर्माण, नैनी में अरैल बंधा के किनारे स्टोन-कट एवं पिचिंग तथा हरित पट्टी में मिट्टी कटान रोकने के कार्य शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त बेली रोड पर सड़क, पटरी एवं नाली निर्माण, नैनी स्थित यमुना विहार अपार्टमेंट के पार्क का सौंदर्यीकरण, भारत स्काउट एंड गाइड परिसर की बाउंड्रीवॉल का उच्चीकरण, नैनी रेलवे स्टेशन के समीप नवीन पुलिस चौकी भवन, जगराम चौराहा-कटरा लिंक रोड का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, निर्माणाधीन मल्टीपरपज कल्चरल कॉम्प्लेक्स, आईईआरटी की बाउंड्रीवॉल का पुनर्निर्माण, हाईकोर्ट गेट नंबर-08 के समीप शंभू बैरक रोड का सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण तथा रसूलाबाद लिंक रोड का निर्माण शामिल है। विद्युत संबंधी कार्यों में अलोपीबाग फ्लाईओवर पर फसाड लाइटिंग एवं विद्युत संयोजन, इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर के कल्चरल कॉम्प्लेक्स हेतु 11 केवी फीडर तथा पीएसी/विशेष सुरक्षा बल परिसर में प्रकाश व्यवस्था के कार्य शामिल हैं।

अवस्थापना कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि जहां भी रोडसाइड प्लांटेशन कराया जाना है, वहां पौधरोपण सड़क की ओर न कराकर फुटपाथ के अंतिम छोर की ओर कराया जाए, ताकि सड़क एवं पैदल आवागमन में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो।

नैनी स्थित महेवा जंक्शन के सौंदर्यीकरण पर चर्चा करते हुए उन्होंने विद्युत लाइनों को यथासंभव भूमिगत करने, केवल सड़क एवं सीवेज कार्य तक सीमित न रहते हुए समग्र सौंदर्यीकरण सुनिश्चित करने तथा ट्रांसफार्मरों को स्मार्ट बॉक्स में रखने के निर्देश दिए।

पीडी टंडन पार्क एवं सुमित्रा नंदन पार्क के विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने पीडी टंडन पार्क को ग्लो पार्क के रूप में विकसित करने तथा वेस्ट टू वंडर की अवधारणा के अंतर्गत स्क्रैप मेटल से आकर्षक पशु-पक्षियों की प्रतिमाएं तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि पार्क को अधिक आकर्षक एवं जनोपयोगी बनाया जा सके।

एमजी रोड को जीरो टॉलरेंस वेस्ट रोड के रूप में विकसित करते हुए सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए व्यापार मंडल से समन्वय कर एक समग्र परियोजना तैयार करने को कहा गया। साथ ही शहर के सभी तालाबों की भूमि को चिह्नित कर किसी एक उपयुक्त तालाब को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने तथा वहां वॉकर्स एवं जॉगर्स के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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