फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अगस्त 2026 जनपद में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। 11 अगस्त को गंगा नदी का जलस्तर 137.00 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 40 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान 137.10 मीटर से महज 10 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं रामगंगा नदी का जलस्तर बिलो गेज दर्ज किया गया है।
प्रशासन के अनुसार जनपद की तीनों तहसीलों के कुल 49 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें तहसील सदर के 12, कायमगंज के 18 और अमृतपुर के 19 गांव शामिल हैं।
40,805 लोग और 8,467 परिवार प्रभावित
गंगा नदी के बढ़े जलस्तर से तहसील सदर में 13,415, कायमगंज में 8,625 तथा अमृतपुर में 18,765 लोग प्रभावित हुए हैं। इस प्रकार जनपद में कुल 40,805 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। वहीं सदर तहसील में 2,274, कायमगंज में 2,132 और अमृतपुर में 4,061 परिवार प्रभावित हुए हैं। कुल मिलाकर 8,467 परिवार बाढ़ की चपेट में हैं।
24 बाढ़ शरणालय स्थापित, 588 लोगों ने लिया आश्रय
प्रशासन द्वारा जनपद में मूलभूत सुविधाओं से युक्त 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें मंडी समिति शमसाबाद, रहमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज तथा रामनिवास डिग्री कॉलेज चित्रकोट राजेपुर के तीन बाढ़ शरणालयों का उपयोग किया जा रहा है। इन शरणालयों में अब तक 588 लोग प्रवास कर चुके हैं, जिन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया।
इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां संचालित हैं, जहां आवश्यकतानुसार कार्मिकों की तैनाती की गई है।
57 नाव और 15 मोटरबोट राहत-बचाव में लगीं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा खोज एवं बचाव कार्य के लिए बड़ी संख्या में नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं। सदर तहसील में 19 नाव और 5 मोटरबोट, कायमगंज में 20 नाव और 5 मोटरबोट तथा अमृतपुर में 18 नाव और 5 मोटरबोट तैनात हैं।
इस प्रकार पूरे जनपद में कुल 57 नाव और 15 मोटरबोट राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
NDRF और फ्लड PAC की तैनाती
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य को गति देने के लिए एक टीम एनडीआरएफ और एक कंपनी फ्लड पीएसी मोटरबोट एवं आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है। इसके अलावा जनपद में 53 स्वयंसेवी गोताखोर उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा रहा है।
128 मेडिकल कैंप में 7,202 लोगों का उपचार
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है। अब तक 128 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें 7,202 लोगों का उपचार किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित लोगों को 9,812 ओआरएस पैकेट और 7,748 क्लोरीन टैबलेट वितरित की जा चुकी हैं।
प्रशासन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार लगातार मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। जनपद में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी भी उपलब्ध है।
पशुओं के लिए 53 शिविर, 2,954 पशुओं का उपचार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी राहत व्यवस्था की गई है। जनपद में 53 पशु शिविर लगाए गए हैं। इनमें अब तक 2,954 पशुओं का उपचार तथा 6,640 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशु राहत शिविरों में रहने वाले पशुओं के लिए अब तक 79 कुंतल भूसा वितरित किया गया है।
4,134 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए राहत वितरण लगातार जारी है। अब तक 4,134 बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, आवागमन और खोज-बचाव की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब होने के कारण संबंधित विभागों और राहत टीमों को सतर्क रखा गया है।
