फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अगस्त 2026 विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 के प्रति त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को संवेदनशील एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में दो चरणों में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, प्रशासक जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायतों के प्रशासक, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के विभागाध्यक्ष, ग्राम पंचायत प्रशासक, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं तकनीकी सहायकों सहित बड़ी संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।
विशेषज्ञों ने अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं पर दिया प्रशिक्षण
पंच सम्मेलन में ग्राम्य विकास विभाग उत्तर प्रदेश के विषय विशेषज्ञों द्वारा विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसमें अधिनियम के विजन एवं उद्देश्यों, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिकाओं एवं दायित्वों, विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं की तैयारी एवं अनुमोदन तथा परिवारों के पंजीकरण और ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
इसके अलावा परिसंपत्तियों की योजना, निष्पादन, निगरानी एवं रखरखाव, अन्य ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के साथ अभिसरण, पारदर्शिता, सामाजिक जवाबदेही, शिकायत निवारण एवं सोशल ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
गांव की समस्याओं के समाधान पर आधारित कार्ययोजना बनाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए सभी प्रशासकों एवं कर्मचारियों से ऐसी कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिसमें गांव की वास्तविक समस्याओं का समाधान शामिल हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सीधा लाभ ग्रामीणों को दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने चकमार्गों एवं तालाबों पर किए गए अवैध कब्जों को राजस्व विभाग के सहयोग से हटवाकर निर्माण एवं विकास कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्थानीय स्तर पर ऐसे नवाचार करने का आह्वान किया, जो अन्य गांवों के लिए उदाहरण बन सकें। उन्होंने कहा कि गांवों को अब केवल विकसित ही नहीं, बल्कि स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाना चाहिए।
अब 100 के बजाय 125 दिन मिलेगा रोजगार
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 के अंतर्गत श्रमिक परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिवस के स्थान पर 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रमिकों की दैनिक मजदूरी ₹300 निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अनुमन्य 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल सुरक्षा एवं संरक्षण तथा ग्रामीण अवसंरचना एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
जिला विकास अधिकारी ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योजनाओं की सही जानकारी एवं प्रशिक्षण से विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने योजना के अंतर्गत सोशल ऑडिट की प्रक्रिया एवं उसकी उपयोगिता के संबंध में भी प्रतिभागियों को जानकारी दी।
उपायुक्त (श्रम रोजगार)/परियोजना निदेशक ने सम्मेलन में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 की प्रमुख विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों से समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
सम्मेलन के माध्यम से पंचायत स्तर पर योजना की समझ विकसित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
