फर्रुखाबाद:आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में जिलाधिकारी के निर्देश: आलू प्रोसेसिंग प्लांट और मक्का आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 अगस्त 2026 किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आत्मा (ATMA) गवर्निंग बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए आलू और मक्का आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मत्स्य विभाग के अधिकारी, अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत आत्मा योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में संचालित कृषि विकास कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों की समीक्षा से हुई। साथ ही वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने मक्का उत्पादक किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ टाई-अप कराया जाए। उन्होंने मक्का आधारित एनिमल फीड उत्पादन इकाइयों की स्थापना के प्रयास तेज करने के भी निर्देश दिए, जिससे स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।

बैठक में आलू प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कराने तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से किसानों को आलू की उन्नत एवं व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सुझाव दिया कि कंपनियों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित की जाए, ताकि किसान बाजार की मांग के अनुरूप उपयुक्त किस्मों की खेती कर सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को एफपीओ से जोड़कर उनके उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए भी किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान द्वारा फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम के तहत किसान आलू उत्पादन के प्रदर्शन का लाभ उद्यान विभाग के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही किसानों को आलू भंडारण पर उपलब्ध सरकारी सब्सिडी की जानकारी भी दी गई।

जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों को सलाह दी कि यदि वे प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के लिए आलू की खेती कर रहे हैं, तो केवल प्रमाणित एवं विश्वसनीय कंपनियों से ही बीज खरीदें तथा बीज की गुणवत्ता और प्रमाणिकता के लिए उसके टैग को सुरक्षित रखें।

बैठक में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, लाभकारी और बाजारोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

Leave a Comment