फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 अगस्त 2026 जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं एवं संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं से जुड़ी प्रत्येक जानकारी समयबद्ध, शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज गुणवत्तापूर्ण डाटा के आधार पर ही गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी और समय पर आवश्यक चिकित्सीय हस्तक्षेप संभव हो पाता है।
सीएमओ ने बताया कि ई-कवच पोर्टल के माध्यम से योग्य दम्पतियों की पहचान, गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) की पहचान, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, प्रसव परिणाम, मातृ मृत्यु तथा प्रसवोत्तर देखभाल से संबंधित सभी जानकारियां दर्ज की जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अधूरा या गलत डाटा स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए और निर्धारित समय पर सभी आवश्यक प्रसव पूर्व जांच कराई जाएं। जिन महिलाओं में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के लक्षण मिलें, उन्हें तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, उपचार एवं समयबद्ध रेफरल उपलब्ध कराया जाए। ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और फॉलोअप भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ ने कहा कि जीवित जन्म, मृत जन्म, गर्भपात, मातृ मृत्यु एवं अन्य प्रसव परिणामों से संबंधित सूचनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-कवच पोर्टल पर अपडेट की जाएं। साथ ही संबंधित अधिकारी समय-समय पर पोर्टल पर दर्ज डाटा का सत्यापन करें, ताकि शासन स्तर पर जनपद की वास्तविक प्रगति परिलक्षित हो सके।
104 हेल्पलाइन से आने वाली कॉल का दें सही जवाब
डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि राज्य स्तर पर 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का सत्यापन किया जाता है। उन्होंने एएनएम, आशा एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि वे लाभार्थियों को पहले से जागरूक करें ताकि वे 104 हेल्पलाइन से आने वाली कॉल अवश्य रिसीव करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि किसी लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कोई समस्या हो तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिला स्वास्थ्य समिति करेगी मासिक समीक्षा
सीएमओ ने बताया कि ई-कवच पोर्टल पर पंजीकरण, एएनसी, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, प्रसव परिणाम, मातृ मृत्यु एवं प्रसवोत्तर सेवाओं की प्रगति की प्रत्येक माह जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में समीक्षा की जाएगी। जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें तत्काल दूर करते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक महिला का अधिकार है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ई-कवच पोर्टल पर सही एवं समयबद्ध डाटा, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग और 104 हेल्पलाइन के माध्यम से होने वाला सत्यापन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
