महिला टी20 विश्व कप 2026 का समापन रविवार को फाइनल के साथ ही हो गया । ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खिताबी मुकाबला हुआ । इंग्लैंड इस टूर्नामेंट की मेजबान भी थी , लेकिन उसका सामना ऐसी टीम से जो छह बार महिला टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर चुकी है। पूरे टूर्नामेंट में दोनों टीमें अब तक अजेय रही हैं और शानदार प्रदर्शन के दम पर फाइनल में पहुंची हैं।
इंग्लैंड की नजर 17 साल बाद दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने पर रही । उसने 2009 में लॉर्ड्स में ही पहला महिला टी20 विश्व कप अपने नाम किया था। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने 8वीं बार यह खिताब जीतकर अपनी बादशाहत बरकरार रखी ।
महिला टी20 विश्व कप इस बार कई मायनों में विशेष रहा। पहली बार इसमें 12 टीमों ने हिस्सा लिया और मैचों की संख्या में भी वृद्धि हुई। ग्रुप चरण में इस बार कुल 30 मुकाबले खेले गए जो 2024 की तुलना में 10 ज्यादा हैं। पिछली बार ग्रुप चरण में 20 मुकाबले खेले गए थे। भारत का सफर हालांकि, ग्रुप चरण में ही थम गया था तो टीम सेमीफाइनल के लिए भी क्वालिफाई नहीं कर सकी थी।
इस बार महिला टी20 विश्व कप की कुल इनामी राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आईसीसी ने मौजूदा टी20 विश्व कप के लिए 8,764,615 अमेरिकी डॉलर (लगभग 83.45 करोड़ रुपये) की कुल इनामी राशि रखी है जो पिछली बार की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा है। 2024 में खेले गए टी20 विश्व कप की कुल इनामी राशि 7,958,077 अमेरिकी डॉलर (करीब 74 करोड़ रुपये) थी। टूर्नामेंट की विजेता टीम को 2,340,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 22 करोड़ रुपये) मिले, जो पिछली बार के बराबर है। उपविजेता टीम को 1,170,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 11 करोड़ रुपये) मिलेंगे। सेमीफाइनल में हारने वाली टीमों को 675,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 6.29 करोड़ रुपये) दिए जाएंगे, जबकि ग्रुप स्टेज में हर जीत की कीमत लगभग 29 लाख रुपये है, जो 2024 जैसा ही है।
