फर्रुखाबाद:शौर्य गाथा शहीद मलेटरी सिंह और वीर डॉग ‘लीला’ के सर्वोच्च बलिदान को नमन

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 13 फरवरी 2026 भारतीय सैनिक परंपरा में 13 फरवरी का दिन अदम्य साहस, अटूट निष्ठा और सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में याद किया जाता है। वर्ष 1999 में जम्मू-कश्मीर के डोडा सेक्टर में ‘ऑपरेशन रक्षक’ के दौरान मलेटरी सिंह (सेना मेडल, मरणोपरांत) और उनके साहसी ट्रैकर डॉग ‘लीला’ ने आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

मिशन के दौरान दिखाई अदम्य वीरता

13 फरवरी 1999 को खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना की आर.वी.सी. 14 आर्मी डॉग यूनिट की टीम आतंकियों की तलाश में अभियान पर निकली थी। ट्रैकर डॉग ‘लीला’ ने आतंकियों की गंध पकड़कर उनका सटीक रास्ता दिखाया। इसी दौरान आतंकियों ने अचानक भारी गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें मलेटरी सिंह और ‘लीला’ दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मलेटरी सिंह पीछे नहीं हटे और बहादुरी से मुकाबला करते हुए अपने साथियों को सुरक्षित निकलने का अवसर दिया। अंततः यह वीर जोड़ी मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुई।

सम्मान और अमर विरासत

उनकी असाधारण वीरता के लिए मलेटरी सिंह को मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया। उनका नाम नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर अंकित है, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस की याद दिलाता है।

इसके अतिरिक्त आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज मेरठ तथा 14 आर्मी डॉग यूनिट परिसर में उनकी प्रतिमा और वीर डॉग ‘लीला’ की मूर्ति सैनिकों को निरंतर प्रेरित करती है।

गृह जनपद में श्रद्धांजलि

मूल रूप से मैनपुरी जनपद के निवासी शहीद मलेटरी सिंह का परिवार वर्तमान में फर्रुखाबाद में निवास करता है। उनके बलिदान दिवस पर उनके आवास के निकट श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर वीर नायक को नमन किया गया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी गीता देवी सहित परिवारजन एवं क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे।

शहीद मलेटरी सिंह और वीर डॉग ‘लीला’ का बलिदान देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और साहस की अमर गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए सदैव प्रेरित करती रहेगी।

“वर्दी की शान, वतन का मान — अमर रहें वीर मलेटरी सिंह और जांबाज ‘लीला’।”