नई दिल्ली:एसआईआर प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम काटे जाने पर सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने निर्वाचन आयोग से पारदर्शिता की मांग की

नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 फरवरी 2026 नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर आज़ाद ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत चल रही दावा–आपत्ति निराकरण प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम विलोपित किए जाने को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त, भारतीय निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर यह अत्यंत चिंताजनक तथ्य सामने आ रहा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कथित तौर पर फर्जी तरीके से मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की जड़ है और किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया जाना केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि उसके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि दावा–आपत्ति प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रत्येक मतदान केंद्र (बूथ) स्तर पर जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनकी सूची स्पष्ट कारणों सहित सार्वजनिक की जाए। इससे प्रभावित नागरिकों को समय रहते जानकारी मिल सकेगी और वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु वैधानिक उपाय कर सकेंगे।

सांसद आज़ाद ने यह भी मांग की है कि यदि किसी मतदान केंद्र पर यह पाया जाता है कि किसी मतदाता का नाम गलत, दुर्भावनापूर्ण या नियमों के विरुद्ध काटा गया है, तो संबंधित उप-जिलाधिकारी (SDM) अथवा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश अनिवार्य रूप से जारी किए जाएं।

उन्होंने कहा कि ऐसी कड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक मनमानी पर अंकुश लगेगा और यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी अधिकारी मताधिकार जैसे संवैधानिक अधिकार के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

अंत में सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने निर्वाचन आयोग से इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपेक्षा व्यक्त की।