नई दिल्ली:(द दस्तक 24 न्यूज़) 22 जनवरी 2026 भारत सरकार के गृह मंत्रालय (रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय) ने जनगणना 2027 के लिए महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना 22 जनवरी 2026 को भारत के राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित की गई है। इसके तहत देशभर में जनगणना के दौरान नागरिकों से किन-किन बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी, इसका स्पष्ट विवरण दिया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8(1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 की पूर्व अधिसूचना को निरस्त कर नई सूची जारी की है। जनगणना अधिकारियों को उनके निर्धारित क्षेत्र में घर-घर जाकर हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस के माध्यम से जानकारी एकत्र करने का अधिकार होगा।
इन 33 बिंदुओं पर ली जाएगी जानकारी
जनगणना 2027 के अंतर्गत नागरिकों से निम्नलिखित प्रमुख जानकारियाँ पूछी जाएंगी—भवन और जनगणना गृह संख्या, घर के फर्श, दीवार और छत की सामग्री, मकान का उपयोग और उसकी स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग (SC/ST/अन्य), मकान का स्वामित्व, रहने योग्य कमरों की संख्या, पेयजल का स्रोत और उसकी उपलब्धता, प्रकाश, शौचालय और स्नान सुविधा, रसोई, LPG/PNG कनेक्शन व खाना पकाने का ईंधन, रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता, मोबाइल फोन, वाहन (साइकिल से लेकर कार तक), परिवार में, उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज, जनगणना से संबंधित संचार हेतु मोबाइल नंबर।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इन आंकड़ों के माध्यम से नीतियों की बेहतर योजना, कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकेगा। एकत्रित की जाने वाली जानकारी पूरी तरह जनगणना प्रयोजनों तक सीमित रहेगी।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सभी जनगणना अधिकारी अपने-अपने स्थानीय क्षेत्र की सीमा में रहकर ही जानकारी एकत्र करेंगे और नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
यह अधिसूचना रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त, भारत श्री मृत्युञ्जय कुमार नारायण द्वारा जारी की गई है।
