फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 29 दिसंबर 2025 निदेशालय उद्यान विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य आयुष मिशन के अंतर्गत गंगा नदी के दोनों किनारों (05 किमी परिधि) में औषधीय पौधों की रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी), जल शक्ति मंत्रालय के अनुमोदनार्थ लगभग 60 से 70 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाली एक परियोजना प्रस्तावित की गई है।
परियोजना के अंतर्गत तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, ब्राह्मी, एलोवेरा, नीम, सहजन, कालमेघ, आंवला, पीपली, सर्पगंधा, गिलोय सहित अन्य औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। इच्छुक कृषक आवेदन करने एवं विस्तृत जानकारी प्राप्त करने हेतु आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी कार्यालय, जनपद फर्रुखाबाद में संपर्क कर सकते हैं।
इसके साथ ही प्रदेश में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में दिनांक 16 दिसंबर 2025 को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक मंडल से कम से कम एक प्रस्ताव नेशनल बी-बोर्ड, भारत सरकार को प्रेषित किया जाए। इस योजना के अंतर्गत मौनपालक मधुमक्खी पालन उपकरण निर्माण इकाई, मधुमक्खी उत्पादों के संग्रहण, ब्रांडिंग एवं विपणन केंद्र की स्थापना हेतु NBHM की गाइडलाइन के अनुसार प्रस्ताव बनाकर आवेदन कर सकते हैं।
इच्छुक मौनपालक एवं उद्यमी अधिक जानकारी के लिए आलू एवं शाकभाजी विकास अधिकारी कार्यालय, फर्रुखाबाद से संपर्क कर सकते हैं।
