नोएडा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 दिसम्बर 2025 को IGRS (Integrated Grievance Redressal System) के तहत प्राप्त जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में विफलता के चलते नोएडा अथॉरिटी ने कड़ी कार्रवाई की है। अथॉरिटी के सीईओ ने लापरवाही बरतने वाले आठ वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय उन विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों पर लागू किया गया है जिनके पास 12 से अधिक IGRS प्रकरण लंबे समय से लंबित चले आ रहे थे। लगातार निर्देशों के बावजूद शिकायतों का समाधान समय पर न करना गंभीर लापरवाही मानी गई है, जिसके बाद अथॉरिटी ने यह सख्त कदम उठाया है।
कौन–कौन अधिकारी आए कार्रवाई की जद में?
नोएडा अथॉरिटी द्वारा जिन 8 अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाई गई है, उनके नाम इस प्रकार हैं—
1. श्री क्रांति शेखर सिंह – विशेष कार्याधिकारी (ग्रुप हाउसिंग)
2. श्री अरविन्द कुमार सिंह – विशेष कार्याधिकारी (भूलेख)
3. श्री ए.के. अरोड़ा – महाप्रबंधक (सिविल)
4. श्री एस.पी. सिंह – महाप्रबंधक (सिविल)
5. श्री आर.पी. सिंह – महाप्रबंधक (जल)
6. श्रीमती मीना भार्गव – महाप्रबंधक (नियोजन)
7. श्रीमती प्रिया सिंह – सहायक महाप्रबंधक (औद्योगिक)
8. श्री संजीव कुमार बेदी – सहायक महाप्रबंधक (आवासीय भूखंड)
जन शिकायतों के निस्तारण पर जीरो टॉलरेंस
अथॉरिटी ने स्पष्ट कहा है कि जनहित और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
IGRS प्लेटफॉर्म पर आने वाली शिकायतें सीधे जनता की समस्याओं से जुड़ी होती हैं और इनका समय पर निस्तारण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अथॉरिटी प्रबंधन के अनुसार, संबंधित अधिकारियों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही वेतन आहरण पर प्रतिबंध हटाने पर विचार किया जाएगा।
क्यों बनी ऐसी स्थिति?
कई विभागों में लंबित मामलों की संख्या बढ़कर 12 से अधिक हो चुकी थी। लगातार चेतावनी और निर्देशों के बावजूद निस्तारण नहीं हुआ। गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों में लापरवाही पाई गई। IGRS की साख और जनता के भरोसे को ध्यान में रखते हुए सख्ती जरूरी मानी गई
अंत में
नोएडा अथॉरिटी की यह कार्रवाई प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में IGRS मामलों की मॉनिटरिंग और भी कड़ी की जा सकती है ताकि जनता की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित हो सके।
