बदायूं: भिलौलिया बुद्ध महोत्सव में नारी शक्ति का सम्मान – समानता और करुणा का संदेश

बदायूं:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 नवम्बर 2025 भिलौलिया में आयोजित बुद्ध महोत्सव ने इस वर्ष एक विशेष संदेश दिया — “नारी ही सृजन की शक्ति है, और सम्मान ही सच्चा धर्म।”

महोत्सव में उपस्थित सभी महिला शक्तियों का अभिनंदन और सम्मान किया गया। कार्यक्रम स्थल पर चारों ओर समानता, करुणा और मानवता की भावना से परिपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

महिला शक्ति का गरिमामय सम्मान

भिलौलिया बुद्ध महोत्सव में मंच से लेकर पंडाल तक महिलाओं की भूमिका और योगदान को सराहा गया।

आयोजकों ने कहा कि समाज के विकास और बुद्ध के करुणा-धर्म के प्रसार में महिलाओं की भागीदारी सर्वोपरि है।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मान पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए।

 बुद्ध के संदेशों से प्रेरित आयोजन

महोत्सव का मुख्य उद्देश्य भगवान बुद्ध के उपदेशों – करुणा, समता, और अहिंसा को जन-जन तक पहुंचाना था।

वक्ताओं ने कहा कि बुद्ध का दर्शन नारी सम्मान का सबसे बड़ा आधार है, क्योंकि उन्होंने समाज को यह सिखाया कि “कोई भी स्त्री या पुरुष जन्म से ऊँचा या नीचा नहीं, बल्कि कर्म से महान होता है।”

 महिला प्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आईं महिला सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षिकाएं, बुद्ध विहार समितियों की सदस्याएँ, युवा छात्राएँ और ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि बुद्ध का मार्ग – समभाव और समानता का मार्ग – ही समाज के वास्तविक उत्थान का आधार है।

आयोजकों का आभार प्रदर्शन

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने कहा —“भिलौलिया बुद्ध महोत्सव में पधारीं सभी महिला शक्तियों का हृदय से आभार। यह महोत्सव तभी सार्थक है, जब इसमें समाज की हर शक्ति, विशेषकर नारी शक्ति, समान रूप से सम्मिलित हो।” सभी उपस्थित अतिथियों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का भी सम्मान किया गया और आगामी वर्ष के महोत्सव को और भव्य रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया गया।