फर्रूखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 31 अक्टूबर 2025 आज जिला कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले गन्ना किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। किसानों का जत्था विकास भवन तिराहे से नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा, जहां उन्होंने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी 150वीं जयंती मनाई तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशील दीक्षित ‘बाबा जी’ ने की, जबकि संचालन गोपी शाक्य ने किया।
इस अवसर पर भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि— “आजादी के बाद भी किसानों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जिस तरह सरदार पटेल ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, आज किसान अपने ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के खिलाफ लड़ रहा है। कायमगंज चीनी मिल से जो गन्ना सेंटर रूपापुर मिल में स्थानांतरित किए गए हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं जाने दिया जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने किसानों की मांगें 48 घंटे में नहीं मानीं, तो किसान गन्ने से भरी ट्रालियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर वहीं मूल्य वसूल करेंगे।
कटियार ने यह भी कहा कि गन्ना सेंटरों पर हाइड्रा से गन्ना उतारने के नाम पर प्रति ट्राली ₹200 वसूले जाते हैं, जिसे अब किसी भी स्थिति में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की अगली रूपरेखा राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत से वार्ता के बाद तय की जाएगी।
इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी सुधीर गुप्ता भी पहुंचे। उन्होंने सरकारी चीनी मिल की समस्याओं और प्रशासनिक सीमाओं की जानकारी दी। वहीं किसानों ने ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर में प्रस्तावित पंचायत उत्सव भवन को भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए कहा कि भवन को ऐसी जगह बनाया जाए जहां क्षेत्रवासी आसानी से पहुंच सकें।
जिला महासचिव अभय यादव ने कहा कि यह सब उत्तर प्रदेश सरकार की एक “सुनियोजित साजिश” है। जिस प्रकार कायमगंज की जूट मिल को पहले कच्चा माल बंद कर धीरे-धीरे बंद किया गया, वैसा ही हाल अब कायमगंज चीनी मिल का करने की तैयारी चल रही है। यदि ऐसा हुआ तो स्थानीय किसान पूरी तरह रूपापुर चीनी मिल पर निर्भर हो जाएंगे और उसका मनमाना व्यवहार सहना पड़ेगा।
इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे जिनमें प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य, कृष्ण गोपाल मिश्रा, संजीव सोमवंशी, बृजेश गंगवार, पुजारी कटियार, सुग्रीव पाल, राजेश गंगवार, अनीश सिंह, रामप्रकाश पलिया, कश्मीर सिंह गंगवार, पवन जोशी, शिवराम शाक्य, दीपांकर शाक्य समेत सैकड़ों किसान शामिल रहे।
किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।
