एलीस्ता:(द दस्तक 24 न्यूज़) 11 अक्टूबर 2025 काल्मिकिया गणराज्य, रूस – बौद्ध संस्कृति और भारत-रूस मैत्री के ऐतिहासिक क्षण के रूप में आज काल्मिकिया की राजधानी एलीस्ता में भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों का अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ स्वागत किया गया।
इस विशेष अवसर पर काल्मिकिया गणराज्य के प्रमुख श्री खासिकोव बातू सर्गेयेविच, काल्मिकिया के महामहिम शाजिन लामा जी, पूज्य भिक्षु संघ, तथा अनेक गणमान्य अतिथि और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे समारोह का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और बौद्ध संस्कृति की शांति भावना से ओत-प्रोत था।
भारत से आए पिपरहवा अवशेष, जो भगवान बुद्ध की अमूल्य धरोहर हैं, भारत और रूस के बीच आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और सशक्त बना रहे हैं। इन अवशेषों की यात्रा का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बुद्ध के शांति, करुणा और मैत्री के संदेश का प्रसार करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक सहयोग एवं आध्यात्मिक एकता का प्रतीक भी है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत सरकार तथा भारत के दूतावास (Embassy of India, Moscow) की भूमिका भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्वभर में बौद्ध धरोहरों को सम्मान दिलाने के प्रयासों का भी इस मौके पर उल्लेख किया गया।
इस आयोजन ने पुनः यह संदेश दिया कि भगवान बुद्ध का उपदेश “अहिंसा, करुणा और शांति” ही मानवता के लिए मार्गदर्शक है।
