जिलाधिकारी प्रणय सिंह व पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिलाधिकारी महोदय द्वारा जनपद में सड़क दुर्घटनाओं एवं उससे होने वाली मृत्युओं में हुई वृद्धि पर असन्तोष व्यक्त किया गया तथा निर्देशित किया गया कि परिवहन विभाग, यातायात विभाग, लोक निर्माण विभाग व अन्य सभी स्टेक होल्डर विभाग अन्तर विभागीय समन्वय द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास करें। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी सड़क मार्गों का परिवहन विभाग, यातायात विभाग, लोक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से निरीक्षण कर ऐसे स्थलों को चिन्हित करें जहां लगातार दुर्घटनायें हो रही हैं, जिससे उन स्थलों पर सुधारीकरण की कार्यवाही करायी जा सके। जिलाधिकारी महोदय द्वारा बैठक में निर्देशित किया कि नाबालिक द्वारा ई-रिक्शा का संचालन न किया जाए, इसी तरह सरिया लोहा आदि लेकर ई-रिक्शा मार्ग पर संचालित न हो, इसके विरुद्ध यातायात पुलिस और परिवहन विभाग अभियान चलायें। सड़क दुर्घटना में घायलों की मद्द के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित राहवीर योजना जिसके अन्तर्गत सड़क दुर्घटना में किसी घायल व्यक्ति की मद्द करने पर उस व्यक्ति को 25000/- रुपये की धनराशि इनाम के रूप में दी जाएगी तथा उसको राहवीर के रूप में सम्मानित किया जाएगा, इसी तरह कैशलेस स्कीम के अन्तर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति का इलाज 07 दिन के अन्दर 1,50,000/- रुपये की धनराशि से सम्बन्धित निजी अस्पतालों में किया जाएगा। जिलाधिकारी महोदय द्वारा परिवहन विभाग, यातायात विभाग व चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त स्कीमों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। स्कूल प्रबन्धन को निर्देशित किया कि कोई भी स्कूली वाहन बिना फिटनेस, बिना परमिट, बिना बीमा के संचालित न हो। साथ सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक, रोडवेज को निर्देशित किया गया कि बस स्टेण्ड के अन्दर ही बसों द्वारा सवारी उतारी व चढ़ाई जाए कोई भी बस स्टेण्ड के बाहर सड़क पर न खड़ी हो। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, कासगंज, ए0आर0टी0ओ0 आर0पी0 मिश्र, अधिशासी अभियन्ता, लो0नि0वि0 श्री नन्द किशोर, बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री सूर्य प्रताप, सी0ओ0 ट्रेफिक श्री अमित कुमार व अन्य स्टेक होल्डर विभाग, ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे
जिला क्षयरोग अधिकारी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अभियान 12 अगस्त से आगामी दो माह तक संचालित होगा। इस दौरान निम्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी
- ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठकें – न्यूनतम 150 ग्राम पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामवासियों की सहभागिता से जनजागरूकता बैठकें।
- स्कूल व महाविद्यालयों में जागरूकता सत्र – शिक्षकों व विद्यार्थियों को विषयगत जानकारी दी जाएगी।
- फ्लैश मॉब एवं रैली – सार्वजनिक स्थलों व शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित कर जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।
- डोर-टू-डोर कैम्पेन – प्रत्येक चयनित पंचायत में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर सूचना, परामर्श एवं IEC सामग्री वितरण।
- जिला चिकित्सालय परिसर में विशेष स्वास्थ्य शिविर – HIV/AIDS परामर्श, परीक्षण, टीबी एवं हैपेटाइटिस स्क्रीनिंग सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण।
- लोक कला कार्यक्रम – जनपद में पंजीकृत नाटक/नौटंकी दलों के माध्यम से संदेश का प्रसार।
- कारागार, नशा मुक्ति केन्द्र एवं क्लोज सेटिंग्स में विशेष जागरूकता सत्र।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायतीराज विभाग, ग्राम्य विकास, शिक्षा विभाग, युवा कल्याण, महिला एवं बाल विकास, कारागार विभाग, मद्य निषेध विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा सूचना विभाग स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर अभियान की गतिविधियों को सफल बनाएंगे।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि “समाज में एच.आई.वी./एड्स से संबंधित भ्रांतियों को दूर कर सही जानकारी देना हम सबकी जिम्मेदारी है। यह तभी संभव होगा जब सभी विभाग मिलकर टीम भावना से कार्य करें।” बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला क्षयरोग अधिकारी, पंचायतीराज अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
