लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 10 अगस्त 2025 उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के प्रांगण में आज नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी जी के नेतृत्व में चुनाव आयोग की वोट चोरी से संबंधित एक विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को कथित वोट चोरी से जुड़े तथ्यों और सबूतों से अवगत कराना था।
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता मनीष हिंदवी समेत प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने स्क्रीनिंग के माध्यम से उन सूचनाओं और वीडियो साक्ष्यों को देखा और सुना, जो यह दर्शाते हैं कि मतदाता सूची में गड़बड़ी, डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाताओं के नाम और फर्जी वोटिंग जैसी गंभीर समस्याएं मौजूद हैं।
लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजन ने लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि वोट चोरी “एक व्यक्ति, एक वोट” के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी की स्पष्ट मांग
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से पूर्ण पारदर्शिता अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि –डिजिटल मतदाता सूची को सार्वजनिक किया जाए। सभी राजनीतिक दलों और आम जनता को उसका स्वतंत्र ऑडिट करने का अधिकार मिले। फर्जी वोटिंग रोकने के लिए तकनीकी उपाय, जैसे बायोमेट्रिक सत्यापन, लागू किए जाएं।
राहुल गांधी ने कहा, “जब तक मतदाता सूची साफ-सुथरी और पारदर्शी नहीं होगी, तब तक निष्पक्ष चुनाव की कल्पना करना असंभव है। लोकतंत्र की जड़ें तभी मजबूत होंगी, जब जनता का वोट सही जगह और सही तरीके से गिना जाएगा।”
कांग्रेस का रुख
प्रदेश कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी — चाहे वह चुनाव आयोग के समक्ष ज्ञापन देना हो, अदालत में याचिका दायर करना हो या फिर जनजागरण अभियान चलाना। पार्टी का कहना है कि पारदर्शी और भरोसेमंद चुनाव प्रक्रिया ही लोकतंत्र की सच्ची गारंटी है।
आगे की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आने वाले दिनों में जिलों और ब्लॉकों में इसी तरह की स्क्रीनिंग और जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगी, ताकि आम मतदाता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके और उन्हें यह समझाया जा सके कि वोट चोरी रोकना केवल राजनीतिक दलों का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। इस कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे को 2024 के बाद भी एक बड़े जनआंदोलन का रूप देने के लिए तैयार है, और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक भारत में हर वोट का सम्मान और सही उपयोग सुनिश्चित नहीं हो जाता।
