आगरा:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 जून 2025 शाक्य सैनी मौर्य कुशवाहा समाज पर बढ़ते उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ मौर्य शाक्य सैनी कल्याण एसोसिएशन के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक 23 जून को आगरा के सीताराम होटल, ताजगंज में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सचिव एवं आगरा मंडल प्रभारी उदल सिंह कुशवाहा ने की, जबकि लखनऊ से आए राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश चंद्र कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश चंद्र कुशवाहा ने कहा कि, “राजनीतिक पार्टियां सत्ता में आते ही समाज को भूल जाती हैं। मौजूदा सरकार में समाज के लोगों को हर तरफ से दबाया जा रहा है। मथुरा के अभिमन्यु सैनी जैसे प्रधान तक सत्ता पक्ष के दबाव में प्रताड़ित हो रहे हैं और फर्जी मुकदमों में फंसाए जा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “उत्पीड़न और शोषण की स्थिति यह है कि न्याय दिलाने के लिए कोई सक्षम नहीं रह गया है। ऐसे में समाज के अधिकार और सम्मान की रक्षा केवल पंचशील के बैनर से संभव है। हर जिले में पंचशील झंडे तले कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, समाजसेवियों को सम्मानित किया जाए, और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए।”
गिरीश कुशवाहा ने यह भी अपील की कि 2027 के विधानसभा चुनावों में समाज एकजुट होकर राजनीतिक ताकत बनकर उभरे और अपने अधिकारों को प्राप्त करे। “अपने घरों में महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले, सम्राट अशोक, चंद्रगुप्त मौर्य की प्रतिमाएं स्थापित करें और पंचशील झंडे के नीचे समाज जागरण करें,” उन्होंने कहा।
राष्ट्रीय सचिव उदल सिंह कुशवाहा ने कहा कि, “आगरा मंडल के हर जिले में छोटी-बड़ी बैठकें कर समाज के प्रबुद्ध वर्ग को पंचशील झंडा के नीचे एकत्र किया जाए। राजनीतिक दल तभी सम्मान देंगे जब हमारी ताकत संगठित रूप से सामने आएगी।”
प्रदेश महासचिव एवं सह प्रभारी अशोक सैनी ने हुंकार भरते हुए कहा, “अब समय आ गया है कि समाज के लोग अपने बच्चों को शिक्षित करें, प्रशासनिक सेवाओं में भेजें और एक सदस्य को राजनीति में भेजें ताकि समाज का उत्पीड़न करने वालों को जवाब दिया जा सके।”
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी सामाजिक आयोजन में किसी राजनीतिक दल का झंडा न लगाएं, केवल पंचशील का झंडा लगाकर अपनी अस्मिता और संगठन की पहचान बनाएं।
राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक सैनी ने समाज को आगाह करते हुए कहा कि, “कुछ सफेदपोश खादीधारी समाज को बेचकर स्वयं को किंग कह रहे हैं। लेकिन अब समाज जाग चुका है और 2027 में पंचशील झंडा ही समाज की धारा बनेगा।”
बैठक के अंत में मैनपुरी, फिरोजाबाद, मथुरा और आगरा से आए समाजसेवियों को पंचशील पटका और सम्राट अशोक चिन्ह से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वासुदेव सिंह कुशवाहा, राधेश्याम सैनी, अमित सैनी, राजेश कुमार सैनी, ननवाराम सैनी, लक्ष्मण सैनी, डॉ. अशोक सैनी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया कि समाज अपने सम्मान, अधिकार और पहचान के लिए अब निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार है।
