Monday, 14 September 2026 | 10:43 PM
India

सीतापुर:बिजली लाइन सही करते समय करंट लगने से लाइनमैन आनंद राम की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम15 वर्षों से विभाग के लिए कर रहा था काम, फिर भी नहीं मिला संविदा कर्मचारी का दर्जाअंधी मां का इकलौता बेटा और गर्भवती पत्नी को छोड़ गया आनंद राम, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

मछरेहटा/ मिश्रिख/सीतापुर। थाना मछरेहटा क्षेत्र में बिजली लाइन सही करने के दौरान करंट लगने से एक लाइनमैन की दर्दनाक मौत के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने मछरेहटा-खैराबाद संपर्क मार्ग स्थित गोरिया चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। कई घंटों तक चले प्रद
Share:
सीतापुर:बिजली लाइन सही करते समय करंट लगने से लाइनमैन आनंद राम की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम15 वर्षों से विभाग के लिए कर रहा था काम, फिर भी नहीं मिला संविदा कर्मचारी का दर्जाअंधी मां का इकलौता बेटा और गर्भवती पत्नी को छोड़ गया आनंद राम, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
Read in your preferred language.

मछरेहटा/ मिश्रिख/सीतापुर। थाना मछरेहटा क्षेत्र में बिजली लाइन सही करने के दौरान करंट लगने से एक लाइनमैन की दर्दनाक मौत के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने मछरेहटा-खैराबाद संपर्क मार्ग स्थित गोरिया चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। कई घंटों तक चले प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। मौके की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात करना पड़ा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम ताजपुर उत्तरी निवासी आनंद राम पुत्र ब्रजलाल पिछले लगभग 15 वर्षों से बिजली विभाग के अधिकारियों के आदेशानुसार क्षेत्र के गांवों में बिजली लाइन दुरुस्त करने का कार्य कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने वर्षों तक विभाग के लिए जोखिम भरा कार्य करने के बावजूद न तो उन्हें संविदा कर्मचारी का दर्जा दिया गया और न ही किसी प्रकार की स्थायी सुविधा या सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।बताया गया कि गुरुवार सुबह करीब 9 बजे आनंद राम को मछरेहटा पावर हाउस के अंतर्गत ग्राम भाऊपुर पड़री में बिजली के तार और लाइन सही करने के लिए भेजा गया था। कार्य के दौरान अचानक विद्युत सप्लाई चालू हो गई और वह तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर गिर पड़े।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीतापुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।आनंद राम अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसकी अंधी मां बेटे की मौत से बेसुध हो गई, वहीं गर्भवती पत्नी रोली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि अब इस परिवार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा। इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।घटना से नाराज हजारों ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों ने गोरिया चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग को आनंद राम की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि विभाग बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के कर्मचारियों से जान जोखिम में डालकर काम कराता है। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को मुआवजा, सरकारी सहायता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।जाम की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इंस्पेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने हर संभव सहायता, उचित मुआवजा और मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद काफी देर बाद जाम समाप्त कराया जा सका।मृतक की पत्नी रोली देवी ने थाना मछरेहटा में तहरीर देकर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बिजली विभाग समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन करता और कर्मचारियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराता, तो शायद आनंद राम की जान बचाई जा सकती थी।