फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) 28 अक्टूबर 2026 गंगातट पांचाल घाट पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले प्रसिद्ध श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2027 की तैयारियों को लेकर बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेला समिति के सदस्यों एवं संबंधित अधिकारियों ने मेले के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले के आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, अस्थाई शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार ने बताया कि गंगा नदी के पावन तट पांचाल घाट पर पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक प्रतिवर्ष श्रीरामनगरिया मेला एवं विकास प्रदर्शनी का आयोजन होता है। वर्ष 2027 में मेला 22 जनवरी से 20 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। बड़ी संख्या में साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सभी विभागों को अपनी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मेला समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सदस्यों ने मेला क्षेत्र में नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों, मनचलों और अराजक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने का सुझाव दिया।
गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि मेले की अवधि में गंगा नदी में दूषित पानी का प्रवाह पूरी तरह रोकने के लिए संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही गंगा तट और मेला क्षेत्र में विशेष स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने तथा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मेला क्षेत्र में अन्ना पशुओं के विचरण पर प्रतिबंध लगाने का भी सुझाव दिया गया। इससे श्रद्धालुओं के आवागमन में परेशानी कम होने के साथ-साथ मेला क्षेत्र में स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने मेला समिति से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं की विभागवार कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि श्रीरामनगरिया मेला जनपद की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आयोजन है। इसके सफल आयोजन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि मेले में आने वाले साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर अभय वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, मेला समिति के सदस्य एवं अन्य संबंधित महानुभाव उपस्थित रहे।
