Monday, 14 September 2026 | 10:41 PM
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पीलीभीत :धनारा घाट शारदा नदी का पुल बंद करते ही टापू में तब्दील हो जाएंगे लाखों की आबादी वाले गांव

पीलीभीत पूरनपुर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव लाखों की आबादी का क्षेत्र जो कि स्थानीय तहसील के पीलीभीत जनपद में आता है जिसका तहसील जिला विकासखंड से संबंधित कार्यों को लेकर ट्रांस शारदा पार क्षेत्र की जनता को बरसात के दिनों में मुख्यालय का सफर टेढ़ी खीर साबित होगा वहीं शारदा पार की आबादी को
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पीलीभीत :धनारा घाट शारदा नदी का पुल बंद करते ही टापू में तब्दील हो जाएंगे लाखों की आबादी वाले गांव
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पीलीभीत पूरनपुर।
स्थानीय तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव लाखों की आबादी का क्षेत्र जो कि स्थानीय तहसील के पीलीभीत जनपद में आता है जिसका तहसील जिला विकासखंड से संबंधित कार्यों को लेकर ट्रांस शारदा पार क्षेत्र की जनता को बरसात के दिनों में मुख्यालय का सफर टेढ़ी खीर साबित होगा वहीं शारदा पार की आबादी को लखीमपुर खीरी पलिया कला शाहजहांपुर बॉर्डर से घूम कर मुख्यालय का सफर तय करना दिन में मुसीबत भरा सफर होगा। क्षेत्र की स्थानीय जनता वैकल्पिक आवाजाही को लेकर पैंटोन पुल बनने से जनता के लिए वरदान साबित हो जाता है वही बरसात के दिनों में ट्रांस शारदा पाठ क्षेत्र की जनता का जीवन काला पानी की सजा के बराबर रहता है और यहां आबादी बाढ़ क्षेत्र ग्रसित क्षेत्रों में अधिक तबाही होने से जनजीवन अस्त व्यस्त रहता है वहीं स्वास्थ्य सेवाएं एवं शिक्षा संबंधी अदालत तथा तहसील क्षेत्र के अथवा विकास खंड क्षेत्र के कार्यों में लोगों को भारी असुविधा तो होती है लेकिन 200 किलोमीटर का सफर तय करने में यहां की जनता का खर्च भी दोगुना और चौगुना बैठता है वही देश को आजाद होने के बाद लगातार जनप्रतिनिधि चुने जा चुके हैं और जनपद में एक समय ऐसा भी आया है जहां जिले में तीन तीन मंत्रियों की सौगात भी मिली है और हर चुनाव में शारदा नदी का पुल बनाने के लिए बायदे भी हुए हैं लेकिन इस क्षेत्र की भोली-भाली जनता को सिर्फ नेताओं ने वोट के लिए ही इस्तेमाल किया है लेकिन उनकी जीवन की मूलभूत सुविधाओं से किसी को लेना देना नहीं है। वही घाट पर मौजूद संचालन कर्ता बबलू मांझी ने बताया कि जब तक बाढ़ का पानी तेज बरसा नहीं होती तब तक नाव संचालन होता रहेगा जिससे जनपद की आबादी की सेवाएं मिलती रहे।