Monday, 14 September 2026 | 10:42 PM
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फर्रुखाबाद:जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं, आगामी 3 दिनों में पहुँचेंगी 50,861 बोरी यूरिया — डीएपी, एमओपी और एनपीके भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 अक्टूबर 2025 जनपद में रबी 2025-26 (माह अक्टूबर) के लिए किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी आयुषी कुमार द्विवेदी ने बताया कि जनपद में इस समय यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और सुपर फास्फेट जैसे सभी प्रकार के उर
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फर्रुखाबाद:जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं, आगामी 3 दिनों में पहुँचेंगी 50,861 बोरी यूरिया — डीएपी, एमओपी और एनपीके भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 30 अक्टूबर 2025 जनपद में रबी 2025-26 (माह अक्टूबर) के लिए किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी आयुषी कुमार द्विवेदी ने बताया कि जनपद में इस समय यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और सुपर फास्फेट जैसे सभी प्रकार के उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और किसानों को समय से वितरण किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी तीन दिनों में जनपद को 50,861 बोरी यूरिया, डीएपी की 70,220 बोरी तथा एनपीके की 19,340 बोरी प्राप्त होंगी। इसके साथ ही खेतों तक उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रेलवे रैक और सड़क मार्ग से लगातार खेपें पहुँचाई जा रही हैं।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार उर्वरक की उपलब्धता और वितरण दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब तक यूरिया का 24169 मीट्रिक टन, डीएपी का 14418 मीट्रिक टन, एमओपी का 8919 मीट्रिक टन, एनपीके का 10362 मीट्रिक टन और सिंगल सुपर फास्फेट का 17677 मीट्रिक टन उपलब्ध कराया जा चुका है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी आवश्यकतानुसार ही उर्वरक खरीदें और अधिक मूल्य या कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं की शिकायत तत्काल कृषि विभाग या नजदीकी थाने में करें। विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी स्तर पर उर्वरक की किल्लत या अनियमितता न हो।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि जनपद में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और आगे भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग करें ताकि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि हो सके।