Monday, 14 September 2026 | 10:44 PM
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फर्रुखाबाद:स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा व भाजपा व सपा में न टिक पाना उनकी नकारात्मक राजनीति का परिणाम है- नन्दकिशोर दुबे

फर्रुखाबाद,20 फरवरी 2024 समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा कि समाजवादी पार्टी में केवल स्वामी प्रसाद मौर्य ही सपा के एक ऐसे नेता थे जो सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते थे उनके बयान बाजी से सवर्ण समाज सपा से दूरी बना रहा था लेकिन अब सर्वण समाज समाजवादी पार्टी से दूरी नही
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फर्रुखाबाद:स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा व भाजपा व सपा में न टिक पाना उनकी नकारात्मक राजनीति का परिणाम है- नन्दकिशोर दुबे
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फर्रुखाबाद,20 फरवरी 2024 समाजवादी पार्टी के जिला सचिव नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा कि समाजवादी पार्टी में केवल स्वामी प्रसाद मौर्य ही सपा के एक ऐसे नेता थे जो सनातन धर्म के खिलाफ बयानबाजी करते थे उनके बयान बाजी से सवर्ण समाज सपा से दूरी बना रहा था लेकिन अब सर्वण समाज समाजवादी पार्टी से दूरी नही बनाएगा क्योंकि सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा व सपा के एमएलसी पद से स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस्तीफा देकर स्वयं बाहर आ गए। 

सपा नेता नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा स्वामी प्रसाद मौर्य नकारात्मक राजनीति करते हैं उन्हें अपनें खुद के समाज व जनता से कोई भी वास्ता नही रहता हैं इसलिए वह चुनाव के समय जिस पार्टी में होते हैं उससे इस्तीफा देने का कार्य करते हैं स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी जो भी राजनीति करते हैं उस राजनीति में अपनें कों ही बड़ा समझ्ते हैं। बाकी किसी भी नेता कों बड़ा नही मानते हैं। 

सपा नेता नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य बसपा व भाजपा व सपा में इसी कारण नहीं टिक पाए है यह उनकी नकारात्मक राजनीति का परिणाम है। कि वह आज अकेले हों गए है और वह अपनी नई राजनैतिक पार्टी कों बनाने का ऐलान 22 फरवरी कों करने जा रहा हैं तो उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हुँ और यह कहना चाहता हूँ कि स्वामी प्रसाद मौर्य जी के नई पार्टी बना लेने से समाजवादी पार्टी कों कोई फर्क नही पढ़ने वाले हैं सपा जिला सचिव नन्दकिशोर दुबे वन्देमातरम ने कहा स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा छोड़ने से सपा कों कोई नुकसान नही होगा एवं इनके सपा के छोड़ने के वाद सपा और मजबूत हों गई हैं अब  समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सभी 80 लोकसभा सीटों कों जीतेगी उसके वाद स्वयं स्वामी प्रसाद मौर्य सोचेंगे कि सपा में बने रहते तो अच्छा रहता।