Thursday, 22 October 2026 | 1:31 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद के एल्विस हॉस्पिटल में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

फर्रुखाबाद के कायमगंज रोड स्थित एल्विस हॉस्पिटल में प्रसव के बाद शशिप्रभा की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और समय पर गंभीर हालत की जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और जांच के बाद स्पष्ट होगा।
Share:
फर्रुखाबाद के एल्विस हॉस्पिटल में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
505069
504863



फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) कायमगंज रोड पर ढिलवाल तिराहे के पास स्थित एल्विस हॉस्पिटल में प्रसव के बाद एक 30 वर्षीय महिला की मौत हो जाने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। मृतका की पहचान शशिप्रभा राजपूत के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया और चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

परिजनों के अनुसार, थाना नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम दनियापुर निवासी मौजी राम राजपूत की पुत्री शशिप्रभा का वर्ष 2022 में मैनपुरी जनपद के थाना भोगांव क्षेत्र के ग्राम रामनगर निवासी नीलेश राजपूत के साथ विवाह हुआ था। प्रसव के लिए परिजन शशिप्रभा को एल्विस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में ऑपरेशन के बाद शशिप्रभा ने एक पुत्र को जन्म दिया। नवजात को सुरक्षित बताया गया, लेकिन इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के आरोप के मुताबिक, महिला को इंजेक्शन लगाने और खून चढ़ाने के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के लिए करीब 50 हजार रुपये तथा ब्लड चढ़ाने के लिए करीब 5 हजार रुपये ऑनलाइन दिए गए थे। इन भुगतानों और इलाज से संबंधित विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

परिजनों के मुताबिक, हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल की ओर से शशिप्रभा को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। एंबुलेंस से उसे आवास विकास स्थित माया हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस एल्विस हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।

परिजनों का आरोप है कि जब वे वापस अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर, कंपाउंडर, नर्स और अन्य कर्मचारी वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू हो गया। परिजन जिम्मेदार चिकित्सकों के सामने आने और पूरे मामले का जवाब देने की मांग करते रहे।

सूचना मिलने पर थाना मऊदरवाजा के वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव तथा मेडिकल चौकी प्रभारी रामकेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों को समझाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही। हालांकि, परिजनों ने पहले अस्पताल के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और तत्काल पंचनामा कराने से इनकार कर दिया।

घटना के दौरान मृतका की मां ईश्वरी देवी सहित परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल रहा। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल शशिप्रभा की मौत का वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और पुलिस की आगे की कार्रवाई भी सामने आना बाकी है।