Monday, 14 September 2026 | 10:45 PM
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फर्रुखाबाद :प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर महिलाओं की हुई जाँच ताकि जन्म लेने वाले बच्चे पर न आये आँच ,उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय से पहचान जरूरीः डॉ दलवीर

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत सोमवार को जिले के सभी शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य इकाइयों पर चिकित्सकों द्वारा दूसरे व तीसरे त्रैमास की गर्भवती के स्वास्थ्य की जाँच की गई । इसके साथ ही स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया गया । अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दलवीर सिंह ने
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फर्रुखाबाद :प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर महिलाओं की हुई जाँच ताकि जन्म लेने वाले बच्चे पर न आये आँच ,उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय से पहचान जरूरीः डॉ दलवीर
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत सोमवार को जिले के सभी शहरी व ग्रामीण स्वास्थ्य इकाइयों पर चिकित्सकों द्वारा दूसरे व तीसरे त्रैमास की गर्भवती के स्वास्थ्य की जाँच की गई । इसके साथ ही स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया गया ।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.दलवीर सिंह ने बताया कि हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है, लेकिन इस बार 9 तारीख को रविवार होने के कारण यह 10 जनवरी यानि आज मनाया गया |इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती की जाँच कर उच्च जोखिम की गर्भावस्था की समय से पहचान करना है ताकि उनका समय से इलाज कर किसी अनहोनी से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती की प्रसव पूर्व -पेशाब, हीमोग्लोबिन, शुगर, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर और एचआईवी की जाँच की गई ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोहम्दाबाद के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.गौरव यादव ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जोखिम कम करने के लिए 65 गर्भवती की जांच की गई। इनमे से 13 महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था में रखा गया है जिनका खून सात मिलीग्राम से कम था। उनको आयरन सुक्रोज़ के इंजेक्शन लगाये गए जिससे उनमे आई खून की कमी को दूर किया जा सके | इसके साथ ही आयरन, कैल्शियम की गोलियों सहित आवश्यक दवाएं दी गई और कोविड-19 से बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि जो महिलाएं एचआरपी (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) चिन्हित हुई हैं । उनको प्रसव के समय विशेष निगरानी में रखा जाएगा। ऐसी महिलाएं संस्थागत प्रसव ही कराये। इसके लिए उनको व उनके परिवार को समझाया जाएगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मोहम्दाबाद की स्त्री रोग विशेषज्ञ डा.सोनी कठेरिया ने बताया कि अगर किसी महिला को पहले से हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो ऐसे में उन्हें गर्भावस्था के दौरान अधिक सचेत रहने की आवश्यकता है। महिलाओं का हीमोग्लोबिन 11 से 14 एमजी के बीच होना चाहिए। एनिमिया (खून की कमी ) की वजह से उन्हें संक्रमण की संभावना ज्यादा रहती है। जिसकी वजह से समय से पहले डिलीवरी हो जाती है। इसलिए महिलाओं को संतुलित आहार लेना चाहिए। जैसे - हरी सब्जी ,दाल ,दूध,फल ,गुड़, भुने चने व अण्डे का सेवन करें | इसके साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें व मास्क का प्रयोग करें।
इस दौरान स्टाफ नर्स सरिता, नर्स मेंटर जेवा तथा लाभार्थी मौजूद रहे |