Monday, 14 September 2026 | 10:44 PM
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बरेली - आंवला क्षेत्र के कस्बा अलीगंज में झोलाछाप के इलाज से बिगड़ी मरीज की तबीयत। जिलाधिकारी को दिया शिकायती पत्र।

बरेली/आंवला - कस्बा अलीगंज के रहने वाले राहुल गुप्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली को शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाते हुए बताया कि कस्वे में मुशीर आलम उर्फ ज़र्रा नाम का एक व्यक्ति खुद को एमबीबीएस व एम एस डिग्री धारक डाक्टर बताकर अलमदार नर्सिंग होम के नाम से बड़े अस्पताल में बैठकर मरीजों का इलाज करता
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बरेली - आंवला क्षेत्र के कस्बा अलीगंज में झोलाछाप के इलाज से बिगड़ी मरीज की तबीयत। जिलाधिकारी को दिया शिकायती पत्र।
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बरेली/आंवला - कस्बा अलीगंज के रहने वाले राहुल गुप्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली को शिकायतीपत्र देकर आरोप लगाते हुए बताया कि कस्वे में मुशीर आलम उर्फ ज़र्रा नाम का एक व्यक्ति खुद को एमबीबीएस व एम एस डिग्री धारक डाक्टर बताकर अलमदार नर्सिंग होम के नाम से बड़े अस्पताल में बैठकर
मरीजों का इलाज करता है उसके साथ साथ अस्पताल में तमाम नौसिखिया लड़के गंभीर मरीजों का ट्रीटमेंट करते हैं राहुल गुप्ता का आरोप है कि बीते 21-5-2023 को उसके पेट में दर्द होने के कारण दवाई लेने के लिए बरेली जा रहा था तभी स्टेट बैंक के पास उक्त व्यक्ति मुशीर आलम मिला और कहने लगा तुम मेरे अस्पताल में भर्ती हो जाओ तुम्हें तीन चार दिन में ठीक कर दूंगा उसकी बात पर विश्वास करके उसके अस्पताल में भर्ती हो गया
23-5-2023 तक उसके यहां भर्ती रहा फायदा होने की जगह और ज्यादा तबियत बिगड़ने लगी पूरे शरीर में सूजन हो गई जिसकी शिकायत उक्त संचालक से की तो तबियत बिगड़ती देख उसने छुट्टी कर दी आरोप है कि लगभग 50 हजार रुपए उसने इलाज व दवाई के नाम पर ले लिए राहुल गुप्ता को परिजनों ने बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां डाक्टरों के ने उसको पांच या छह दिन तक रहकर इलाज कराने को कहा राहुल गुप्ता का आरोप है कि उक्त संचालक मुशीर आलम उर्फ ज़र्रा ने उससे खुद को एमबीबीएस एम एस डिग्री धारक अच्छा डॉक्टर बताते हुए
अच्छा इलाज का झांसा देकर इलाज के नाम पर अवैध धन वसूली की गई है साथ की अस्पताल को अवैध बताते हुए मुशीर आलम को फर्जी डिग्री धारक डाक्टर बताते हुए कार्यवाही की मांग की है

""उक्त मामले को लेकर संचालक मुशीर आलम से बातचीत की गई तो बताया कि शिकायतकर्ता से हमारा समझौता हो चुका है""
""वहीं हमारे संवाददाता द्वारा पीड़ित पक्ष राहुल गुप्ता से समझौता किये जाने पर सवाल किये गये तो उन्होंने बताया कि हमने किसी प्रकार का किसी से कोई समझौता नहीं किया है""
खबर लिखे जाने तक उक्त खुद को एमबीबीएस एम एस बताने बाले मुशीर आलम उर्फ जर्रा की तरफ से समझौता होने से संबंधित कोई साक्ष्य सामने नहीं आये

सूत्रों की मानें तो उक्त संचालक अपने संबंध उंचे होने का हवाला देते हुए कहता है उसका कोई कुछ नहीं कर सकता उसके संबंध बड़े बड़े लोगों से हैं अगर कोई ज्यादा उसको छेड़ेगा तो उस पर झूठे मुकदमे लदवा दिये जायेंगे

शायद फर्जियो के बड़े-बड़े लोगों से संबंध होना भी एक बजह हो सकती है जिस कारण उन्हें चिन्हित कर स्वास्थ्य महकमा उन पर कार्यवाही करने की बजाय उन पर मेहरबान दिखाई दे रहा है
बरेली जनपद भर में फर्जी नर्सिंग होम, अस्पताल संचालकों की बाढ़ आ चुकी है
अब आगे देखने योग्य होगा कि स्वास्थ्य विभाग बरेली द्वारा जांच कर मामले में क्या कार्यवाही की जायेगी या ऐसे ही लीपापोती कर दी जाएगी।

रिपोर्टर परशुराम वर्मा