Monday, 14 September 2026 | 10:45 PM
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बरेली - दबंगों ने अलीगंज थाने की गैनी चौकी इंचार्ज पर दिखाई दबंगई और गाड़ी से दवाने का किया प्रयास।

आंवला - योगी के सरकार में दबंगों के हौसले बुलंद थाना क्षेत्र अलीगंज के गैनी चौकी का है यह मामला बुलेट सीज करने से नाराज युवक ने दरोगा के ऊपर कार चढ़ा दी। चौकी इंचार्ज ने साइड में कूदकर अपनी जान बचाई। सिपाही और दरोगा ने जब उसे पकड़कर चौकी में बैठाया तो उसने गाली-गलौज करते हुए दरोगा के ऊपर पिस्टल तान
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बरेली - दबंगों ने अलीगंज थाने की गैनी चौकी इंचार्ज पर दिखाई दबंगई और गाड़ी से दवाने का किया प्रयास।
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आंवला - योगी के सरकार में दबंगों के हौसले बुलंद थाना क्षेत्र अलीगंज के गैनी चौकी का है यह मामला बुलेट सीज करने से नाराज युवक ने दरोगा के ऊपर कार चढ़ा दी। चौकी इंचार्ज ने साइड में कूदकर अपनी जान बचाई। सिपाही और दरोगा ने जब उसे पकड़कर चौकी में बैठाया तो उसने गाली-गलौज करते हुए दरोगा के ऊपर पिस्टल तान दी। आरोपी युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस न्यायालय पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार की शाम को तेज आवाज करने वाली बुलेट को अलीगंज-गैनी मार्ग पर रोका गया। बाइक चालक से बाइक के कागजात मांगे गए। कोई कागज न दिखाने पर गैनी चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार ने बाइक को सीज कर दिया। शाम करीब साढ़े आठ बजे दरोगा के फोन पर एक कॉल आई। कॉल रिसीव करने पर उसने अपना नाम साजिद पुत्र शौकत अली निवासी ग्राम किशनसिंह पुर बताया। और दरोगा से बुलेट सीज करने की बात को लेकर उल्टी सीधी-बातें करने लगा। उसने धमकाते हुए पुलिस चौकी गैनी पर आकर उन्हें देख लेने की बात कही।
जैसे ही दरोगा निजी बाइक से रात में करीब दस बजे अलीगंज थाने से चौकी गेट पर आकर उतरे वैसे ही साजिद ने दरोगा के ऊपर कार चढ़ा दी। रजनीश कुमार ने साइड में कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद कार चालक साजिद कार में बैठे हुए शीशा खोलकर बोला कि आज तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगा। इस दौरान चौकी पर मौजूद सिपाहियों ने उसे चौकी गेट पर ही पकड़ लिया और अंदर चौकी में ले आए। साजिद इतने पर भी नहीं रुका उसने दरोगा को गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से उनके ऊपर पिस्टल तान दी। यह देख सिपाहियों ने उसे काबू किया।
पुलिस ने साजिद के पास से एक पिस्टल, पांच कारतूस, एक कार और मोबाइल बरामद किया है। आरोपी को हत्या के प्रयास तथा आर्म एक्ट के तहत न्यायालय में पेश किया गया। धारा 113/23धारा353/504/506/307 आईपीसी व धारा 30 आर्म्स एक्ट पंजीकृत किया गया और उसे जेल भेज दिया गया।

रिपोर्टर परशुराम वर्मा