आराधना मिश्रा ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, "मैं सबसे पहले अपने शीर्ष नेतृत्व आदरणीय खड़गे जी, आदरणीय सोनिया जी, राहुल जी और प्रियंका जी का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करूंगी कि उन्होंने यह बड़ी जिम्मेदारी मुझे दी है. मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ इस जिम्मेदारी को निभाऊंगी. हां, समय कम है और चुनौतियां ज्यादा हैं.",
जानें कौन हैं कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा :
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा का जन्म 20 अप्रैल 1974 को इलाहाबाद में हुआ। स्नातक और परास्नातक की शिक्षा हासिल करने वाली आराधना का शुरुआत से ही समाजसेवा की ओर रुझान रहा। पारिवारिक राजनीतिक परिवेश के बीच उन्होंने 2014 के उपचुनाव से सक्रिय चुनावी राजनीति में कदम रखा। पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें एमएलए ऑफ द ईयर के रूप में भी सम्मानित किया गया। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने रामपुर खास से जीत दर्ज की।
उनके पिता प्रमोद तिवारी 1980 में पहली बार जीतने के बाद इस सीट से लगातार नौ बार विधायक रहे। तिवारी परिवार का रामपुर खास पर करीब 47 वर्षों से प्रभाव है। आराधना मिश्रा विधानसभा में कांग्रेस की प्रमुख आवाज रही हैं और पार्टी के कम विधायकों के बावजूद सदन में सक्रिय भागीदारी निभाती रही हैं। संगठन में भी उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।
महिलाओं और सामाजिक मुद्दों से जुड़े अभियानों में उनकी सक्रियता रही है। प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी मानी जाने वाली आराधना ने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी उनके साथ काम किया। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हुई है। पार्टी को उनके करीब 25 वर्षों के राजनीतिक अनुभव और महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ने में मदद की उम्मीद है।
उनके पिता प्रमोद तिवारी 1980 में पहली बार जीतने के बाद इस सीट से लगातार नौ बार विधायक रहे। तिवारी परिवार का रामपुर खास पर करीब 47 वर्षों से प्रभाव है। आराधना मिश्रा विधानसभा में कांग्रेस की प्रमुख आवाज रही हैं और पार्टी के कम विधायकों के बावजूद सदन में सक्रिय भागीदारी निभाती रही हैं। संगठन में भी उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।
महिलाओं और सामाजिक मुद्दों से जुड़े अभियानों में उनकी सक्रियता रही है। प्रियंका गांधी वाड्रा की करीबी मानी जाने वाली आराधना ने ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान में भी उनके साथ काम किया। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हुई है। पार्टी को उनके करीब 25 वर्षों के राजनीतिक अनुभव और महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को संगठन से जोड़ने में मदद की उम्मीद है।