Monday, 14 September 2026 | 10:44 PM
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राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस ने पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को बुलाया जैसलमेर से दिल्ली

राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को रविवार सुबह जैसलमेर से दिल्ली बुला लिया. जिसके बाद उन्होंने रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 (NEP-2020) को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, लेकिन सवाल उठता है कि उन्हें राजस्थान से वापस क्यों बुलाया गया.
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राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस ने पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को  बुलाया  जैसलमेर से दिल्ली
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राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच कांग्रेस हाईकमान ने पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला को रविवार सुबह जैसलमेर से दिल्ली बुला लिया. जिसके बाद उन्होंने रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 (NEP-2020) को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, लेकिन सवाल उठता है कि उन्हें राजस्थान से वापस क्यों बुलाया गया. वो भी स्पेशल एयरक्राफ्ट से?

दरअसल पार्टी हाईकमान नहीं चाहती थी कि नेताओं के बीच नई शिक्षा नीति को लेकर ट्विटर वॉर चलता रहे. इसलिए आनन-फानन में कांग्रेस प्रवक्ता को दिल्ली बुला लिया गया. उन्होंने रविवार सुबह को केंद्र सरकार की ओर से हाल में मंजूर की गई नई शिक्षा नीति को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि छह साल के अंतराल के बाद बगैर किसी चर्चा-परामर्श के शिक्षा नीति- 2020 जारी कर दी गई है. शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर अब तक NEP-2020 की नीति तक लोड नहीं की गई है. हमें नई शिक्षा नीति के समय को लेकर कुछ आपत्ति है. देश में घोर संकट है और कई संस्थान बिना किसी परामर्श के खोले गए हैं. सरकार बताए कि संसद में नई शिक्षा नीति पर कब चर्चा होगी.

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पूर्व मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने कहा कि नई शिक्षा नीति में यूपीए के वक्त के कार्यों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है. यूपीए सरकार द्वारा लाए गए शिक्षा के अधिकार कानून की हर मंच पर चर्चा की गई, यहां तक कि संसद में भी इस पर बड़ी बहस हुई. नई शिक्षा नीति लागू करने का सरकार का क्या रोडमैप होगा, यह बात बिल्कुल गायब है और इसका कोई जिक्र नहीं.

पल्लम राजू ने कहा, हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि नई शिक्षा नीति का रोडमैप क्या है और इसे लागू करने के लिए संसाधनों का आवंटन कैसे होगा. यहां तक कि नई शिक्षा नीति में शिक्षा का अधिकार कानून पर भी कुछ नहीं कहा गया है. यूपीए सरकार में संस्थानों के गठन के लिए समुचित फंड की व्यवस्था की गई थी. सरकार को बताना चाहिए कि इस नीति को लेकर उसका क्या रोडमैप है. ऑनलाइन शिक्षा को लेकर भारी दबाव है.randeep surjewala