Monday, 14 September 2026 | 10:39 PM
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फर्रुखाबाद के तीनों पुल जर्जर, विकास राजपूत बोले—“वड़ोदरा जैसी अनहोनी से पहले जागे प्रशासन

1965 से 1976 के बीच बने पुल अब अपनी आयु सीमा पार कर चुके, आए दिन मरम्मत से परेशान जनता ने उठाई आवाज़”फर्रुखाबाद, 12 जुलाई 2025 —फर्रुखाबाद जनपद की तीन प्रमुख नदियों — काली नदी, गंगा नदी एवं रामगंगा नदी — पर बने पुराने पुल अब अपनी आयु सीमा पार कर चुके हैं और लगातार मरम्मत के कारण यातायात में बाधा उत्
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फर्रुखाबाद के तीनों पुल जर्जर, विकास राजपूत बोले—“वड़ोदरा जैसी अनहोनी से पहले जागे प्रशासन
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1965 से 1976 के बीच बने पुल अब अपनी आयु सीमा पार कर चुके, आए दिन मरम्मत से परेशान जनता ने उठाई आवाज़”फर्रुखाबाद, 12 जुलाई 2025 —फर्रुखाबाद जनपद की तीन प्रमुख नदियों — काली नदी, गंगा नदी एवं रामगंगा नदी — पर बने पुराने पुल अब अपनी आयु सीमा पार कर चुके हैं और लगातार मरम्मत के कारण यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर समाजसेवी एवं भाजपा नेता विकास राजपूत ने चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन को चेताया है।उन्होंने बताया कि: • काली नदी (छिबरामऊ) पर बना उधरनपुर पुल का निर्माण 1965 से 1968 के बीच हुआ था। • गंगा नदी पर स्थित पांचाल घाट पुल का निर्माण 1971 से 1975 के बीच हुआ। • रामगंगा नदी पर बने पुल, जो एनएच 730सी पर स्थित है, का निर्माण 1970 से 1976 के बीच हुआ था।तीनों ही पुल आज अपनी संरचनात्मक आयु पार कर चुके हैं और लगातार मरम्मत कार्य चलते रहने के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।विकास राजपूत ने प्रशासन और सरकार से सवाल किया है कि क्या वड़ोदरा पुल हादसे जैसी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है? उन्होंने कहा:“भ्रष्टाचार और लापरवाही के चलते बार-बार मरम्मत कराई जाती है, जबकि हकीकत में पुलों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। अब समय आ गया है कि इन पुलों का गहन तकनीकी परीक्षण कराया जाए और नए पुलों के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएँ।”उन्होंने शासन से अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए तीनों पुलों की तत्काल जाँच कराई जाए और नए पुलों के निर्माण हेतु स्वीकृति और बजट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे आम नागरिकों का सफर सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।