Wednesday, 07 October 2026 | 4:38 AM
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तीन तलाक मामले और वंदे मातरम् विवाद पर गीतकार जावेद अख्तर के बड़े बयान

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तीन तलाक मामले और वंदे मातरम् विवाद पर गीतकार जावेद अख्तर के बड़े बयान
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इंडियन एक्सप्रेस हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने मुस्लिम पर्सनल लॉ और तीन तलाक को लेकर बात की। उन्होंने कहा, 'मुस्लिम पर्सनल लॉ 1937 में आया था। हमें 1947 में आजादी मिली। तो आपने इसमें कोई बदलाव क्यों नहीं किया? तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए आपको बीजेपी की जरूरत क्यों पड़ी? यह शर्म की बात है। यह कैसा सेक्युलरिज्म है?'  जावेद अख्तर से जब पूछा गया कि उनकी आलोचना को उनकी नास्तिक सोच के बावजूद बहुसंख्यक वर्ग के नैरेटिव को बढ़ावा देने के तौर पर देखा जाता है, तो उन्होंने कहा, 'यह दुख की बात है कि मुस्लिम समुदाय का एक बहुत छोटा हिस्सा ही समुदाय के भीतर मौजूद सामाजिक समस्याओं और कमियों के खिलाफ आवाज उठाता है। पहले अपना घर ठीक करें, फिर हमें दूसरों की आलोचना करने का हक मिलता है।'  जावेद अख्तर ने आगे कहा, 'मैं नास्तिक हूं। लेकिन सच यह है कि मेरा जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ है। इसलिए मेरा सबसे पहला अधिकार और जिम्मेदारी है कि मैं पहले अपने समुदाय की समस्याओं को ठीक करने की कोशिश करूं, उसके बाद किसी और पर उंगली उठाऊं।'

राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बात करते हुए जावेद अख्तर ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच सक्रियता की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि भारत में कई हिंदू फासीवाद और सांप्रदायिकता के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते हैं, लेकिन बहुत कम मुस्लिम लोग अपने समुदाय के भीतर मौजूद कट्टर सोच के खिलाफ बोलते हैं।

उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति हमेशा खुद को पीड़ित बताकर नहीं रह सकता। उनके मुताबिक, उनकी पहली जिम्मेदारी अपने समुदाय की कमियों को सामने लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जब जरूरत होगी, वह दूसरों के बारे में भी बोलेंगे, जैसा कि वह पहले भी करते रहे हैं।  

राष्ट्रगीत विवाद मामले पर जावेद अख्तर ने कहा कि उन्हें 'वंदे मातरम्' कहने या गाने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वह इसमें धार्मिक भावनाओं वाले छंदों को उन पर थोपे जाने के पक्ष में नहीं हैं। खुद को नास्तिक बताने वाले जावेद अख्तर ने कहा कि वह 'वंदे मातरम्' सौ बार खुशी से कह सकते हैं, बशर्ते बात देश की हो, धर्म की नहीं।

जावेद अख्तर ने कहा कि उन्हें 'वंदे मातरम्' कहने से अपने धर्म को लेकर कोई खतरा महसूस नहीं होता। उन्होंने बताया कि वह खुद अपने कई गानों में 'वंदे मातरम्' का इस्तेमाल कर चुके हैं और इस गीत के अपने वर्जन भी लिख चुके हैं। हालांकि, उनकी आपत्ति उन छंदों को गाने के लिए कहे जाने पर है, जिनमें उन्हें धार्मिक भाव नजर आता है।