अपनी आयु के पांच दशक पूरे कर चुके शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू किए जाने को लेकर शिक्षकों का अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य करने का आंदोलन आज अठारह दिन से अधिक का समय हो जाने के बाद भी निरंतर जारी है। शिक्षक सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। किन्तु केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई सकारात्मक कदम उठाए जाने अथवा शिक्षकों का पक्ष जानने का प्रयास नहीं किया गया है। इससे शिक्षकों में निराशा की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री मुनेश राजपूत ने बताया कि पूरे जनपद के शिक्षक सोमवार से काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य के साथ विद्यालय अवकाश उपरांत बी आर सी पर एकत्रित होकर हस्ताक्षर अभियान का संचालन भी करेंगे। यह हस्ताक्षरित पत्र माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय को प्रेषित कर उनसे टेट लागू होने से पूर्व से कार्यरत शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश के शिक्षक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से मांग करते हैं कि बेसिक शिक्षकों की इस समस्या का संज्ञान लेकर, केंद्र सरकार के अध्यादेश के माध्यम से शिक्षकों को राहत दी जाए। जिलाध्यक्ष शुभनेश यादव ने जनपद के शिक्षकों से आह्वान किया है कि सभी लोग बीआरसी पर चलाए जाने वाले हस्ताक्षर अभियान में आगे बढ़कर हिस्सा लें ताकि हमारी आवाज केंद्र सरकार तक पहुंच सके। जिला उपाध्यक्ष अंकित पुंढीर ने कहा कि यदि 15 अक्टूबर तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो अब आंदोलन राजधानी दिल्ली में होगा। जिसकी तिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पांडेय द्वारा शीघ्र ही घोषित कर दी जाएगी। आज काली पट्टी बांध कर विरोध जताने वाले शिक्षकों में जयवीर सिंह, राजबीर सिंह,मनोज कुमार, ब्रजेश कुमार, के.पी. सिंह, नीरेंद्र, राजीव शाक्य, तारा सिंह, मुनेश आर्य, प्रदीप यादव, जितेन्द्र कुमार, गजराज सिंह, राकेश राजपूत, ओम शिव वर्मा, मुकेश कुमार, अतुल कुमार, नरेश बाबू शाक्य, नवनीत, फुरकान अली, राकेश कुमार, विपिन बाबू, राजीव वर्मा, जितेन्द्र यादव, गीतम सिंह, विनय कुमार, सियाराम, उमेश दीक्षित आदि प्रमुख हैं।
कासगंज:उन्नीसवां दिन भी काली पट्टी बांधकर किया शिक्षण कार्य
