फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 23 अगस्त 2025 चिलसरा मुख्य मार्ग पर एक आवारा जानवर की मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों का मानना है कि यह मौत भूख और प्यास से हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि जानवर को कई दिनों से चारा और पानी नहीं मिला, जिसके चलते वह तड़प-तड़पकर दम तोड़ गया।
आवारा जानवरों की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। सड़क और गलियों में घूमते ये मवेशी अक्सर भोजन, पानी और आश्रय की कमी से मर जाते हैं। इसके अलावा, उन्हें समय पर पशु-चिकित्सा सुविधा न मिल पाने के कारण बीमारियों और चोटों से भी मौत का शिकार होना पड़ता है।
आवारा जानवरों की मौत के प्रमुख कारण
चिकित्सा सुविधा का अभाव – बीमार या घायल जानवरों को इलाज नहीं मिल पाता।
भोजन, पानी और आश्रय की कमी – रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी न होने से जीवन संघर्षमय हो जाता है।
संक्रामक रोग – रेबीज और अन्य बीमारियों का संक्रमण जानवरों की जान ले लेता है।
सड़क हादसे – अक्सर तेज रफ्तार वाहनों से टकराकर गाय, सांड और अन्य मवेशियों की मृत्यु हो जाती है।
मानव जीवन पर भी खतरा
सिर्फ जानवर ही नहीं, बल्कि इंसान भी इन परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं। सड़कों पर घूमते आवारा मवेशियों के कारण गंभीर सड़क हादसे होते हैं, जिनमें हर साल कई लोगों की जान जाती है। वहीं, इन जानवरों से रेबीज जैसे खतरनाक रोग इंसानों तक फैलने का खतरा भी बना रहता है।
जरूरी है ठोस कदम
आवारा जानवरों की मौत और उससे होने वाले दुष्परिणाम समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चुनौती हैं। जरूरत है कि इन जानवरों के लिए आश्रय स्थल, भोजन-पानी की व्यवस्था और उचित पशु चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि न सिर्फ इनकी जान बच सके बल्कि इंसानों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर कब तक आवारा जानवर भूख, प्यास और लापरवाही की वजह से यूं ही अपनी जान गंवाते रहेंगे।
