पीड़ित परिवार के अनुसार, घटना नंगला नट क्षेत्र में हुई। शशि का आरोप है कि उनकी भैंस घास चरते हुए खेत की मेड़ तक पहुंची थी और खेत के अंदर नहीं गई थी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि कहासुनी के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
शशि के मुताबिक, मारपीट के दौरान उसके पिता किशनपाल के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया। उनके सिर और हाथ में लोहे की रॉड से भी चोट लगने का आरोप है। शशि और उसके करीब 13 वर्षीय छोटे भाई को भी चोटें आई हैं। परिजनों का कहना है कि हमले के दौरान उनकी भैंस को भी बुरी तरह पीटा गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।


लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं किशनपाल
गंभीर रूप से घायल किशनपाल को पहले स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें लोहिया जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। परिजनों के अनुसार, सिर में गंभीर चोट के चलते डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराने की बात कही है।
परिवार का दावा है कि किशनपाल को काफी देर तक रक्तस्राव होता रहा और अस्पताल में कई बार उनकी पट्टी बदली गई। वहीं, अन्य घायल सदस्यों का भी उपचार कराया गया है।
पुलिस से शिकायत, कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले की शिकायत पुलिस से की गई है और बीबीगंज चौकी में रिपोर्ट दी गई है। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
हालांकि, घटना में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही मारपीट की पूरी वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।