फर्रुखाबाद:दिलीप राजपूत आत्महत्या मामला: सांसद प्रतिनिधि समेत दीवान और सिपाही को जेल भेजा गया।

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 17 जुलाई 2025 थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के छेदानगला में दिलीप राजपूत की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सांसद प्रतिनिधि रजनेश राजपूत, दीवान महेश उपाध्याय और सिपाही जसवंत सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

थाना मऊदरवाजा अध्यक्ष बलराज भाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर विधिक कार्यवाही के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

मामला क्या है?

यह मामला थाना मऊदरवाजा के ग्राम छेदानगला का है, जहाँ निवासी रामरहीश राजपूत के 26 वर्षीय पुत्र दिलीप राजपूत ने कुछ दिन पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि दिलीप को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में लेकर बेरहमी से पीटा था, जिससे क्षुब्ध होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।

मृतक के पिता रामरहीश राजपूत की तहरीर पर पुलिस ने दीवान महेश उपाध्याय, सिपाही जसवंत सिंह, दिलीप के ससुर बनवारी लाल और सांसद प्रतिनिधि रजनेश राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उक्त सभी लोगों ने मिलकर दिलीप पर दबाव बनाया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिसके चलते उसने आत्महत्या की।

क्या हैं आरोप?

पुलिसिया बर्बरता: दीवान और सिपाही पर अवैध हिरासत व मारपीट का आरोप।

पारिवारिक दबाव: ससुर बनवारी लाल द्वारा घरेलू विवादों में मानसिक उत्पीड़न का आरोप।

राजनीतिक संरक्षण: सांसद प्रतिनिधि पर आरोपी पक्ष की मदद करने और कार्रवाई से बचाने के प्रयासों का आरोप।

पुलिस की कार्रवाई

मऊदरवाजा थाना प्रभारी बलराज भाटी के नेतृत्व में टीम ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में थाना जहानगंज के ग्राम आलूपुर निवासी सांसद प्रतिनिधि रजनेश राजपूत की गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

जनाक्रोश और मांग

मृतक के परिजन और ग्रामीणों ने घटना के बाद से ही निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को थोड़ी राहत मिली है, वहीं आम जनता ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है।

आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्षता से विवेचना की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।