फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 04 अक्टूबर 2025 जनपद में प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत भूमि खरीद और अर्जन की प्रक्रिया को लेकर आज सायंकाल 6 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी द्वारा की गई। यह बैठक तहसील सदर एवं अमृतपुर के अंतर्गत आने वाले 43 ग्रामों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से संबंधित रही।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित भूमि की खरीद सर्किल रेट से चार गुना मूल्य पर किए जाने की योजना है। अधिकारियों ने कहा कि फर्रुखाबाद की अन्य प्रमुख जिलों से कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने हेतु यह एक्सप्रेसवे परियोजना अत्यंत आवश्यक है, और इसके सफल क्रियान्वयन में सभी संबंधित अधिकारियों को शासनादेशों के अनुसार कार्य करना होगा। अधिकारियों ने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसानों के अमूल्य सहयोग के बिना लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण संभव नहीं है। वहीं, किसानों और किसान नेताओं ने बैठक में अपनी कई चिंताएँ रखीं।
किसान नेताओं ने यूपीडा (UPIDA) के प्रतिनिधि की अनुपस्थिति पर नाराज़गी व्यक्त की और कहा कि एक्सप्रेसवे के अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जाना चिंताजनक है। कुछ किसानों ने बताया कि अन्य जिलों में शीत गृह (Cold Storage) को नहीं तोड़ा गया जबकि यहाँ ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है।
खीमसेपुर के किसानों ने परियोजना के लिए भूमि देने की इच्छा जताई, लेकिन साथ ही 8 गुना मूल्य की मांग की। किसानों ने यह भी मांग रखी कि एक्सप्रेसवे को आबादी क्षेत्र से दूर निकाला जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को कम से कम प्रभावित होना पड़े।
भूमि मूल्यों में असमानता भी किसानों के असंतोष का कारण बनी। बैठक में बताया गया कि —गांधी ग्राम क्षेत्र का भूमि मूल्य सर्वाधिक है, हथियापुर का मूल्य लगभग ₹1.20 करोड़ प्रति हेक्टेयर है, जबकि अदिउली का मूल्य मात्र ₹21 लाख प्रति हेक्टेयर है।
ऐसे में किसानों ने कहा कि गुतासी क्षेत्र की भूमि का मूल्य अत्यधिक कम रखा गया है और एक ही खेत की मेड के दोनों ओर पाँच गुना तक का अंतर अनुचित है। कुछ किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी मूल्य पर अपनी भूमि बेचने को तैयार नहीं हैं। वहीं, अधिकारियों ने कहा कि नगरीय क्षेत्र में दो गुना मूल्य दिए जाने का प्रस्ताव है और किसानों की समस्याओं के समाधान का अधिकतम प्रयास किया जाएगा।
अंत में किसान नेताओं ने भूमि मूल्य वृद्धि की पुरज़ोर मांग की। बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य, जिला अध्यक्ष अजय कटियार, कृष्ण गोपाल मिश्रा, अभय यादव, अजय पाल यादव, मुकेश शर्मा, अरविंद गंगवार, विमलेश शाक्य, शिवराम शाक्य, अनुज राजपूत, रजत गंगवार, राजेश गंगवार सहित प्रभावित ग्रामों के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
