सीतापुर:मिश्रिख सीएचसी के औचक निरीक्षण में मिलीं खामियां, डीएम ने बीपीएम, एआरओ व बीसीपीएम का 15 दिन का वेतन रोका

मिश्रिख (सीतापुर)। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मिश्रिख में संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्सकों से वार्ता कर एचआरपी रजिस्टर का अवलोकन किया तथा बीपीएम से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की तैयारियों और अभियान के अंतर्गत किए गए टीकाकरण की जानकारी प्राप्त की। अभियान का रजिस्टर तैयार न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। वहीं एएनसी रजिस्टर के निरीक्षण में भी कई त्रुटियां मिलने पर एआरओ को फटकार लगाई।जिलाधिकारी ने पाया कि बीपीएम एवं एआरओ शासन की मंशानुरूप कार्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। इस पर दोनों अधिकारियों का 15-15 दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ब्लड प्रेशर मशीन का भी निरीक्षण किया तथा एचआरपी ट्रैकिंग रजिस्टर के आधार पर एक गर्भवती महिला से दूरभाष पर वार्ता कर स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक लिया।इसके बाद जिलाधिकारी सीबीसी लैब पहुंचे, जहां मशीन खराब अवस्था में पाई गई। इस पर उन्होंने बीपीएम एवं एआरओ के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक न मिलने तथा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का प्रभावी संचालन न होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी के विरुद्ध स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बीसीपीएम से भी विभागीय अभिलेखों की जानकारी ली। अभिलेखों में त्रुटियां पाए जाने और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही मिलने पर बीसीपीएम का भी 15 दिन का वेतन रोकने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभिलेखों का नियमित रूप से अद्यतन रखरखाव किया जाए।

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