फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज़) 12 जून 2026 भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को अपनी जमीनों को बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा और प्रशासनिक दबाव के आगे झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे और अन्य विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, ऐसे में किसानों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा।
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के फर्रुखाबाद जिला अध्यक्ष अजय कटियार की माता के शांति पाठ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राकेश टिकैत ने हवन में आहुति देकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद किसानों को संबोधित किया।
राकेश टिकैत ने लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि अभी एक एक्सप्रेसवे निकल रहा है, आगे और भी परियोजनाएं आएंगी। ऐसे में किसानों को अपनी जमीनों की सुरक्षा और उचित मुआवजे के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे में अधिग्रहित होने वाली जमीनों के सर्किल रेट में जो वृद्धि हुई है, वह किसानों और संगठन के संघर्ष का परिणाम है। जहां अभी भी सर्किल रेट कम हैं, वहां उन्हें बढ़वाने के लिए किसानों को और बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन किसानों पर जमीन का बैनामा कराने के लिए दबाव बना सकते हैं, लेकिन किसानों को ऐसे दबावों से घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीन नहीं ली जा सकती। यदि किसी किसान पर दबाव बनाया गया तो पूरे देश के किसान फर्रुखाबाद में आंदोलन के लिए पहुंचेंगे।
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने सरकार से किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि आज भी किसान खाद के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं। सरकार को किसानों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनकी जमीनों पर नजर रखनी चाहिए।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह यादव, पश्चिमी उत्तर प्रदेश सचिव उदयवीर यादव, उत्तर प्रदेश सचिव तिलक सिंह राजपूत, आगरा मंडल उपाध्यक्ष रूपेंद्र शाक्य, युवा मंडल सचिव विपिन यादव, बुलंदशहर जिला अध्यक्ष आरव सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने भूमि अधिग्रहण, सर्किल रेट और कृषि संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा की तथा किसान हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।
